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चक्रधरपुर मंडल को अवसंरचना क्षेत्र में मिला अनुभवी नेतृत्व

चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में रेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ है। शुक्रवार को अजितेन्द्र त्रिपाठी ने सहायक मंडल रेल प्रबंधक (अवसंरचना) के रूप में चक्रधरपुर मंडल का कार्यभार ग्रहण किया। उनके पदभार संभालने से मंडल में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अजितेन्द्र त्रिपाठी वर्ष 2006 बैच के भारतीय रेलवे सेवा के विद्युत अभियंता (IRSEE) अधिकारी हैं। रेलवे में उनका अब तक का कार्यकाल अत्यंत प्रभावशाली और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने पूर्वोत्तर रेलवे के विभिन्न मंडलों में कार्य करते हुए तकनीकी दक्षता, प्रशासनिक क्षमता और अनुशासित कार्यशैली का परिचय दिया है।

अपने लंबे सेवाकाल के दौरान श्री त्रिपाठी ने लखनऊ, वाराणसी, इज्जतनगर और गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण रेल मंडलों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसके अलावा, उन्होंने पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय में उप मुख्य सतर्कता अधिकारी (विद्युत) के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। लोकोमोटिव के अनुरक्षण और संचालन के क्षेत्र में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है, जिसे रेलवे संचालन का मूल आधार माना जाता है।

उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा समय-समय पर उन्हें सम्मानित भी किया गया है। वर्ष 2016 में उन्हें महाप्रबंधक पुरस्कार से नवाजा गया, वहीं वर्ष 2024 में मातृभाषा के प्रति समर्पण और राजभाषा के प्रभावी उपयोग के लिए उन्हें पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा राजभाषा पुरस्कार प्रदान किया गया। पूर्वोत्तर रेलवे में पहले विद्युत लोको शेड के निर्माण और उसके सफल पायलट संचालन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उनके व्यापक अनुभव और व्यावहारिक दृष्टिकोण से चक्रधरपुर मंडल में अवसंरचना विकास को नई दिशा और मजबूती मिलने की संभावना है। रेल प्रशासन और स्थानीय स्तर पर यह विश्वास व्यक्त किया जा रहा है कि उनके नेतृत्व में मंडल विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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