चाईबासा: खूंटी में सामाजिक पारंपरिक नेतृत्वकर्ता और जल-जंगल-जमीन के संरक्षक पड़हा राजा सोमा मुण्डा की अज्ञात अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद पूरे झारखंड में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस घटना के विरोध में राज्य के विभिन्न जिलों में सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों द्वारा प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग की।
इसी कड़ी में गुरुवार की देर शाम चाईबासा के तांबो चौक पर भी विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में कैंडल मार्च आयोजित किया गया। कैंडल मार्च में उपस्थित लोगों ने मृतक सोमा मुण्डा को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
वक्ताओं ने कहा कि पड़हा राजा सोमा मुण्डा की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की परंपरा, सम्मान और सामाजिक व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर अपराधियों को गिरफ्तार करने और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से न्याय सुनिश्चित करने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन देशाउली फाउंडेशन ने किया।

