जमशेदपुर। परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह मदरसा के पास मंगलवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रिटायर्ड टाटा मोटर्स कर्मचारी नोमान के बंद पड़े मकान से अचानक धुआं उठता देखा गया। सुबह करीब छह बजे आसपास के लोगों ने घर से धुआं निकलते देखा, जिसके बाद मोहल्ले में हड़कंप मच गया। घटना के समय मकान पूरी तरह बंद था और अंदर कोई मौजूद नहीं था, इसी वजह से आग समय पर पकड़ में नहीं आ सकी।
स्थानीय लोगों ने किसी तरह घर का दरवाजा खोलकर देखा तो अंदर आग तेजी से फैल चुकी थी। इसके बाद मदरसा के बच्चों और मोहल्ले के लोगों ने बिना देर किए पानी की मोटर लगाकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। फायर ब्रिगेड को सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। मजबूरी में स्थानीय निवासियों ने खुद मोर्चा संभालते हुए करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सूचना मिलने पर गृह मालिक के भांजे मोहम्मद मिनाजुद्दीन मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आग तड़के करीब चार बजे लगी होगी। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आग की इस घटना में घर के अंदर रखा लगभग सारा सामान जलकर राख हो गया। सोने-चांदी के आभूषण, बेड, अलमीरा, कपड़े, जरूरी कागजात, प्रमाण पत्र समेत अन्य कीमती सामान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। आग से भारी आर्थिक नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
बताया गया कि इस मकान में पहले रिजवान नामक व्यक्ति रहते थे, लेकिन फिलहाल पूरा परिवार धतकीडीह में रह रहा है। मकान लंबे समय से बंद पड़ा होने के कारण आग की जानकारी देर से मिल सकी। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों की तत्परता से आग को आसपास के घरों तक फैलने से पहले ही रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी पुलिस को भी दे दी गई है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड से समय पर संपर्क नहीं हो पाने पर नाराजगी भी जताई और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए बेहतर व्यवस्था की मांग की है।

