चाईबासा: भारतीय जनता पार्टी पश्चिमी सिंहभूम युवा मोर्चा की अध्यक्ष चंद्र मोहन तिऊ ने कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे तथाकथित “मनरेगा बचाओ अभियान” और पदयात्रा पर सवाल उठाते हुए इसे ढोंग और राजनीतिक पाखंड बताया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में सबसे बड़े घोटाले कांग्रेस के शासनकाल में हुए हैं और आज वही कांग्रेस गरीबों की हितैषी बनने का नाटक कर रही है।
चंद्र मोहन तिऊ ने कहा कि झारखंड में मनरेगा घोटाले से जुड़ी ईडी जांच में जिन बड़े नामों पर कार्रवाई हुई है, वे कांग्रेस शासन की सच्चाई को सामने लाते हैं। उन्होंने बताया कि तत्कालीन आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल, राम विनोद सिन्हा और सुमन कुमार मनरेगा घोटाले से जुड़ी ईडी जांच में जेल जा चुके हैं। इसके अलावा सहायक अभियंता शशि प्रकाश भी मनरेगा घोटाले के मामले में जेल में रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस ने मनरेगा को गरीबों की मदद के बजाय लूट का माध्यम बनाया।
उन्होंने जी-राम-जी (जनकल्याण, रोजगार, आत्मनिर्भरता, ग्राम विकास एवं जवाबदेही) योजना पर बात करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को वास्तविक लाभ देना, पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। यह योजना किसी के अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस द्वारा बनाई गई भ्रष्ट व्यवस्था को सुधारने के लिए है।
चंद्र मोहन तिऊ ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम सहित पूरे झारखंड में फर्जी जॉब कार्ड, बिना काम मजदूरी भुगतान और कागजों पर सड़कों व तालाबों का निर्माण कांग्रेस शासनकाल की पहचान बन चुका था। मजदूरों की मजदूरी महीनों तक अटकी रहती थी और बिचौलियों को फायदा होता था।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम की आड़ में कांग्रेस जिस तरह आंदोलन की राजनीति कर रही है, वह अपने घोटालों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और युवा मोर्चा गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण विकास के हित में मजबूती से खड़े हैं और कांग्रेस की राजनीति को तथ्यों के साथ जनता के सामने लाते

