जमशेदपुर। एमजीएम थाना क्षेत्र के गोकुलनगर बस्ती निवासी युवक की पुलिस कस्टडी में हुई मौत को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर विपक्षी दल भाजपा ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को जमशेदपुर के सांसद ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की थी, वहीं शनिवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी गोकुलनगर बस्ती पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
अर्जुन मुंडा ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी अपनी पीड़ा साझा करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे लोगों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। अर्जुन मुंडा ने कहा कि स्वर्गीय अजीत महतो को न्याय दिलाने के लिए वे हर संभव कदम उठाएंगे और दोषियों को सजा दिलाने की लड़ाई लड़ी जाएगी।
गौरतलब है कि 31 दिसंबर को एमजीएम थाना क्षेत्र के गोकुलनगर निवासी 22 वर्षीय अजीत महतो की एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार, चोरी के एक मामले में संदेह के आधार पर एमजीएम थाना की पुलिस रविवार देर रात करीब एक बजे अजीत को पूछताछ के लिए उसके घर से थाने ले गई थी। थाने में पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद सोमवार को उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अजीत की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को एमजीएम अस्पताल के शीतगृह में रखवा दिया गया। युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए इसे कस्टडी में हुई मौत बताया है। परिजनों की मांग है कि इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय मिले।

