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जयपाल सिंह मुंडा आदिवासियों की आवाज थे : डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू

चाईबासा: झारखंड की माटी के लाल, संविधान सभा के सदस्य और पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती के अवसर पर शनिवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा आदिवासियों की सशक्त आवाज थे और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड आंदोलन को दिशा देने के साथ-साथ संविधान सभा में पूरे देश के आदिवासियों के अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठाई और उनके संरक्षण के लिए संविधान में विशेष प्रावधान कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. बालमुचू ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा का मानना था कि आदिवासी समाज में सबसे अधिक लोकतांत्रिक व्यवस्था देखने को मिलती है, जहां अमीर-गरीब सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने संविधान सभा में यह भी कहा था कि आदिवासियों को विशेष संरक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे जंगलों से निकलकर विधायिका और अन्य जन मंचों तक अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने अपने ऐतिहासिक भाषण में यह भी कहा था कि आदिवासी प्रथम श्रेणी के भारतीय नागरिक हैं।

कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई, जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, महासचिव कैरा बिरुवा, अविनाश कोड़ाह, सचिव जानवी कुदादा, मोहन सिंह हेम्ब्रम, ओबीसी प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव मायाधर बेहरा, प्रखंड अध्यक्ष राहुल पुरती, आरजीपीआरएस प्रखंड अध्यक्ष मंजु बिरुवा, मंडल अध्यक्ष तिला तिर्की, वरीय कांग्रेसी राम सिंह सावैयां, राधा मोहन बनर्जी, विजय तिग्गा, अमित मुखी, सुनीता लकड़ा, शंकर बिरुली, अजय कुमार, संजय साव, महेश अंगरिया, सुशील दास सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने जयपाल सिंह मुंडा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

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