नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर खालिदा जिया की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि उनके निधन से दक्षिण एशिया की राजनीति ने एक प्रभावशाली नेतृत्व को खो दिया है। प्रधानमंत्री के शोक संदेश के बाद भारत समेत पूरे क्षेत्र में संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय का मंगलवार को अंत हो गया, जब पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए उन्हें बांग्लादेश की राजनीति की मजबूत और निर्णायक नेता बताया और शोक संतप्त परिवार व समर्थकों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि खालिदा जिया ने सार्वजनिक जीवन में लंबी भूमिका निभाई और उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।
बीएनपी की ओर से जारी बयान के अनुसार, खालिदा जिया का मंगलवार सुबह करीब छह बजे ढाका के एवरकेयर अस्पताल में निधन हुआ। वे पिछले 36 दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं और लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। बताया गया कि 23 नवंबर को हृदय और फेफड़ों की जटिलताओं के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि अंतिम दिनों में निमोनिया ने उनकी हालत और नाजुक कर दी थी। वर्षों से वे लिवर सिरोसिस, मधुमेह, किडनी, फेफड़े, हृदय और आंखों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित थीं। उनके इलाज के लिए बांग्लादेश के साथ-साथ ब्रिटेन, अमेरिका, चीन और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई थी। बेहतर इलाज के लिए विदेश ले जाने की योजना भी बनी, लेकिन कमजोर स्वास्थ्य के कारण यह संभव नहीं हो सका।
खालिदा जिया बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने दो बार प्रधानमंत्री पद संभाला और दशकों तक बांग्लादेश की राष्ट्रीय राजनीति की केंद्रीय धुरी बनी रहीं। उनके निधन को राजनीतिक विश्लेषक और समर्थक बांग्लादेश के अस्थिर राजनीतिक इतिहास में एक युग के अंत के रूप में देख रहे हैं। उनके परिवार में बड़े बेटे तारिक रहमान, जो बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जायमा रहमान शामिल हैं। छोटे बेटे अराफात रहमान कोको का कुछ वर्ष पहले मलेशिया में निधन हो चुका है।
खालिदा जिया के निधन के बाद बांग्लादेश भर में शोक की लहर है। पार्टी कार्यालयों और समर्थकों के बीच श्रद्धांजलि सभाओं का दौर शुरू हो गया है। भारत समेत कई देशों के नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है और इसे दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।

