चाईबासा: आज मंगलवार को झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के जिला अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य चाईबासा एमपी चौक बस स्टैंड से गांधी मैदान होते हुए कचहरी परिसर पुराना डीसी ऑफिस तक जुलूस और धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में मजदूरों ने स्थानीय रोजगार, न्यूनतम मजदूरी, पीएफ लाभ और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की मांग की।
धरना स्थल पर झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के नेता चन्द्र मोहन तिरिया ने कहा कि पश्चिम सिंहभूम जिले में गरीब मजदूर और किसान कठिन हालात में जी रहे हैं। टाटा, रूंगटा और एसीसी जैसी बड़ी कंपनियों के बावजूद स्थानीय मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है। सरकारी निर्माण कार्यों में बाहरी मजदूरों को लगाया जा रहा है, जिससे स्थानीय मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं और निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री एवं काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की उपेक्षा और न्यूनतम मजदूरी न मिलने के कारण लोग पलायन करने को मजबूर हैं।
मजदूरों ने विशेष रूप से ग्राम केन्दपोसी (पंचायत अमाडीहा, प्रखंड हाट गम्हरिया) में डिग्री कॉलेज, ग्राम बदेया (खुंटपानी) में आवासीय विद्यालय, ग्राम उलीझारी (सदर) में मेडिकल कॉलेज निर्माण, सोनुवा-गोइलकेरा में सड़क निर्माण और हुटूबसुड शंकर लागुरी में पीसीसी पथ निर्माण कार्य में स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने, न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने और पीएफ लाभ देने की मांग की। साथ ही, पीसीसी ढलाई कार्य में बड़े फ्लोरी मशीन के बजाय छोटे मिक्सर मशीन से काम कराने और सभी सरकारी योजना कार्यस्थलों पर साइन बोर्ड लगाने की भी मांग उठाई गई।
इस मौके पर झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के जिला अध्यक्ष सुनिल गगाराई (सरायकेला), चुम्बूरू पिगुवा, चन्द्र मोहन तिरिया, सुनिल लागुरी, मदन सिंकु, सोमा बानसिह, लेम्वो मुंडा, डोले सिंकु, सोमा सिंकु, बमुनी बनसिह और चन्दु पुरती सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित थे।
धरना प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने उपायुक्त महोदय को मांग पत्र सौंपा, जिसकी प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, श्रम आयुक्त, कोल्हान आयुक्त, उप विकास आयुक्त, श्रम अधीक्षक चाईबासा और भविष्य निधि चाईबासा को भेजी गई है। मजदूरों ने उम्मीद जताई कि उनकी सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही होगी।

