जमशेदपुर। पवित्र उमरा यात्रा पर जाने वाले जायरीन के लिए जमशेदपुर के धातकीडीह स्थित दरस-ए-फैज़ुल उलूम कैंपस में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुल 51 उमरा यात्रियों को उमरा से संबंधित धार्मिक विधि-विधान, यात्रा के नियम, एहतियात और सऊदी अरब में रहने के दौरान आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ये सभी जायरीन झारखंड, ओड़िशा और बिहार के विभिन्न जिलों से हैं।
कार्यक्रम का आयोजन अज़ीजी ज़ियारत टूर एंड ट्रैवल की ओर से किया गया, जो लंबे समय से हज और उमरा यात्राओं के संचालन का कार्य कर रहा है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विद्वान आलिमों और प्रशिक्षकों ने उमरा के अरकान, एहराम बांधने का तरीका, तवाफ, सई, हल्क या क़सर तथा मस्जिद-ए-हराम और मस्जिद-ए-नबवी की अदब व एहतियात पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही जायरीन को बताया गया कि हरमैन शरीफैन की ज़ियारत हर मुसलमान के लिए एक बड़ी नेमत है, इसलिए वहां अनुशासन, सब्र और इबादत की भावना को सर्वोपरि रखना चाहिए।
अज़ीजी ज़ियारत टूर एंड ट्रैवल के प्रतिनिधियों ने यात्रियों को यात्रा से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की भी जानकारी दी। इसमें पासपोर्ट, वीज़ा, फ्लाइट, होटल, स्थानीय आवागमन, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां और सऊदी अरब के कानूनों का पालन करने जैसे विषय शामिल रहे। जायरीन को यह भी समझाया गया कि किसी भी समस्या की स्थिति में ग्रुप लीडर और ट्रैवल एजेंसी के प्रतिनिधियों से तुरंत संपर्क करें।
कार्यक्रम के दौरान “लैब्बैक अल्लाहुम्मा लैब्बैक” के नारे और “उमरा मुबारक” की दुआओं से माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। अंत में सभी जायरीन के लिए विशेष दुआ की गई कि अल्लाह तआला उनकी उमरा यात्रा को आसान बनाए, उनकी इबादत कबूल फरमाए और वे खैरियत के साथ अपने वतन लौटें। आयोजन को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

