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Wed. Mar 18th, 2026

गोड्डा में दिनदहाड़े फायरिंग: अपराधियों ने डोजर जलाने की कोशिश की, कर्मियों में मची भगदड़*

गोड्डा* जिले के ललमटिया थाना क्षेत्र स्थित ईसीएल (ECL) की राजमहल परियोजना में शनिवार को अपराधियों ने दिनदहाड़े फायरिंग की और डोजर को जलाने का प्रयास किया। घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में अफरातफरी और दहशत का माहौल फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस की दो टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी।

अपराधियों ने डोजर पर की फायरिंग

जानकारी के अनुसार, यह घटना ठेका कंपनी अंबे माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के लालघुटवा–लोहंडिया डंपिंग एरिया में हुई।

डोजर चालक मुनचुन कुमार ने बताया कि दो हथियारबंद अपराधी वहां पहुंचे और उसे भाग जाने को कहा। इसके बाद उन्होंने डोजर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की।

इसी दौरान एक अपराधी ने पास खड़े दूसरे डोजर पर गोली चला दी, जिससे वहां मौजूद सभी कर्मियों में हड़कंप मच गया। सभी कर्मी अपनी जान बचाने के लिए गार्ड रूम की ओर भागे।

मौके पर पहुंची पुलिस, बरामद हुए सबूत

घटना की सूचना मिलते ही महगामा एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद, ललमटिया थाना प्रभारी रौशन कुमार सिंह और बोआरीजोर थाना प्रभारी आशीष यादव दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने घटनास्थल से पेट्रोल की बोतल, माचिस और डोजर के केबिन में फंसी गोली बरामद की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

एसडीपीओ बोले — असामाजिक तत्वों की करतूत

महगामा एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने डंपिंग एरिया में पहुंचकर फायरिंग की और आग लगाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है, अपराधियों की पहचान जल्द की जाएगी।

कर्मियों ने बताई घटना की पूरी कहानी

साइड सुपरवाइजर मुरलीधर, डोजर ऑपरेटर मुनचुन कुमार और गार्ड खुर्शीद अंसारी ने बताया कि ब्लास्टिंग के दौरान वे साइड पर खड़े थे।

उसी समय दो अज्ञात लोग आए, गाली-गलौज करते हुए उन्हें धमकाया और दो राउंड फायरिंग की।

एक गोली गाड़ी के शीशे में लगी जबकि डोजर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। हालांकि आग जल्द ही बुझा ली गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

खनन एरिया में कई बार हो चुकी फायरिंग

बताया जाता है कि इस क्षेत्र में खनन विवाद को लेकर अपराधी गिरोहों द्वारा कई बार फायरिंग की घटनाएँ हो चुकी हैं।

मई माह में तालझारी साइड के AMPL पैच पर भी हथियारबंद अपराधियों ने दर्जनों राउंड फायरिंग की थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी वारदातों का मुख्य उद्देश्य दहशत फैलाना और ठेकेदारों से रंगदारी वसूली करना होता है।

क्षेत्र में बढ़ी दहशत, पुलिस के लिए चुनौती

राजमहल कोलफील्ड क्षेत्र में साल के आखिर में हुई इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस का कहना है कि संगठित आपराधिक गिरोहों की भूमिका की जांच की जा रही है, और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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