जमशेदपुर। राष्ट्रीय कन्नौजिया सोन परिवार द्वारा झारखंड के विभिन्न जिलों में ज्वेलरी दुकानों में लगातार हो रही चोरी, डकैती और लूट की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। संगठन ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए पूर्वी सिंहभूम जिले में ज्वेलरी दुकानों एवं सोना-चांदी के व्यवसायियों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्यबल के गठन की मांग की है। इस संबंध में संगठन की ओर से शुक्रवार को पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में संगठन ने बताया कि बीते छह महीनों के भीतर झारखंड के अलग-अलग जिलों में ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाकर लगभग सत्रह करोड़ रुपये की लूट हो चुकी है। इन घटनाओं के कारण प्रदेश भर के सोना-चांदी के व्यापारी भय और असुरक्षा के माहौल में अपना व्यवसाय कर रहे हैं। अपराधियों के बढ़ते हौसले से व्यापारियों में भारी चिंता व्याप्त है और वे स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
राष्ट्रीय कन्नौजिया सोन परिवार ने मांग की है कि पूर्वी सिंहभूम जिले में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा ज्वेलरी दुकानों और सोना-चांदी के व्यापारियों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्यबल का गठन किया जाए। संगठन ने यह भी कहा कि ठंड के मौसम में चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है, इसलिए रात्रि पहर में ज्वेलरी दुकानों की विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने भारतीय न्याय संहिता की धारा तीन सौ सत्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यवहार में कई बार पुलिस द्वारा समुचित जांच के बिना ही ज्वेलरी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। केवल आरोपियों के बयान के आधार पर व्यापारियों को परेशान किया जाता है, जबकि यह स्पष्ट रूप से जांच नहीं की जाती कि आभूषण जानबूझकर खरीदे गए थे या अनजाने में। इस व्यवस्था में सुधार की भी मांग की गई है।
इसके साथ ही संगठन ने पूर्वी सिंहभूम जिले में पहले हुई ज्वेलरी दुकानों की चोरी और डकैती की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही पुलिस पदाधिकारियों और ज्वेलरी व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों के साथ पूर्व की तरह संयुक्त बैठक आयोजित करने का आग्रह किया गया है, ताकि आपसी समन्वय के माध्यम से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कन्नौजिया सोन परिवार के प्रमुख रंजीत कुमार बर्मन, महासचिव किशोर कुमार वर्मा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। संगठन ने जिला प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर ज्वेलरी व्यवसायियों को सुरक्षा का भरोसा दिया जाएगा।

