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जब शहर सोता है, तब इंसानियत जागती है निरसा के समाजसेवी गुरमीत सिंह डांग बांट रहे जरूरतमंदों में गर्म कंबल

जब शहर सोता है, तब इंसानियत जागती है

निरसा के समाजसेवी गुरमीत सिंह डांग बांट रहे जरूरतमंदों में गर्म कंबल

 

निरसा.कड़ाके की ठंड में जब लोग गहरी नींद में होते हैं, उसी वक्त निरसा के रोहू निवासी समाजसेवी गुरमीत सिंह डांग हर साल की तरह इस बार भी मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं. बीते 10 दिनों से लगातार वे रोज़ाना रात 2 बजे से सुबह 4 बजे तक जरूरतमंदों के बीच गर्म कंबलों का वितरण कर रहे हैं.
यह सेवा कार्य मैथन चेक पोस्ट से लेकर तोपचांची चेक पोस्ट तक चलाया जा रहा है, जहां सड़क किनारे रहने वाले बेसहारा, मजदूर और ठंड से जूझ रहे लोगों को कंबल देकर राहत पहुंचाई जा रही है. बीते दिनों में बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए जा चुके हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वही काम है जो आमतौर पर जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी मानी जाती है, लेकिन इस बार एक समाजसेवी ने आगे बढ़कर न केवल जिम्मेदारी निभाई, बल्कि समाज को संवेदनशील होने का संदेश भी दिया.
गौरतलब है कि गुरमीत सिंह डांग हर साल सर्दियों के मौसम में इसी तरह रात के अंधेरे में निकलकर जरूरतमंदों की सेवा करते हैं. उनका मानना है कि सेवा का असली अर्थ है सही समय पर जरूरतमंद के काम आना.
उनके इस निःस्वार्थ कार्य की चारों ओर सराहना हो रही है और लोग इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं.

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