कोडरमा:जमीन विवाद में हत्या किए जाने किए जाने के एक एक मामले की सुनवाई करते हुए, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम गुलाम हैदर की अदालत ने बुधवार को आरोपी मनोज मेहता, पप्पू मेहता, पंकज मेहता, एवं पूरण देव मेहता नवलशाही फुलवरिया निवासी को 302 आईपीसी एक्ट के तहत दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर ₹25000-25 000 जुर्माना लगाया। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 2 साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
वही न्यायालय ने 506 IPC एक्ट के तहत दोषी पाते हुए 1 साल कारावास एवं ₹2000 जुर्माना लगाया। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 2 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। 323 आईपीसी के तहत 6 माह कारावास व 1000 रू जुर्माना लगाया। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 1 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी । सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। जुर्माना की राशि पीड़ित को दी जाएगी। साथ ही न्यायालय ने पीड़ित मुआवजा स्कीम के तहत पीड़ित को मुआवजा दिलाने का भी निर्देश दिया। ( स्पेशल चिल्ड्रन केस 11/ 2023, नवलसाही थाना कांड संख्या 33 / 2023 के अभियुक्त पूर्ण देव मेहता (जो घटना के समय नाबालिक था) को स्पेशल होम भेजे जाने का निर्देश भी दिया गया।
मामला वर्ष 2023 का है । इसे लेकर नवलशाही थाना में नवलशाही थाना कांड संख्या 33 / 2023 , यमुना मेहता ने मामला दर्ज कराया गया था। थाना को दिए आवेदन में कहा था कि पूजा रूम बनाने को लेकर उपरोक्त अभियुक्तों से विवाद चल रहा था । इसी दौरान 7 -5 -2023 को सुबह करीब 8:30 बजे सभी अभियुक्त लोग मजमा बनाकर, हाथ में हरवे- हथियार लेकर घर में घुस आए और गाली गलौज करते हुए मेरी पत्नी दर्शनी देवी के सर पर हथौड़ा से मार दिया जिससे वह बेहोश होकर गिर गई और उसके सर से काफी खून बहने लगा। हल्ला होने पर जब आस-पास के लोग दौड़कर आए तो यह लोग भाग गए। दर्शनी देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए रिम्स रांची ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया। इस दौरान सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया । कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जयप्रकाश नारायण ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। अदालत ने सभी गवाहों और साक्षयो का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया।

