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अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर सियासत तेज : पूर्व मंत्री दुलाल भुईयाँ का कड़ा प्रहार, बोले – संघर्ष से नेता बने, चम्मचगिरी से नहीं

जमशेदपुर। शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तीखा होता जा रहा है। पूर्व मंत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी के पूर्व विधायक दुलाल भुईयाँ ने झामुमो के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य मोहन कर्मकार और नेता प्रमोद लाल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि आज जो लोग उन पर उंगली उठा रहे हैं, वे कभी उनके पीछे-पीछे चलते थे। उन्होंने कहा कि वे संघर्ष के बल पर राजनीति में आए हैं और लाठी-डंडे खाकर नेता से लेकर कैबिनेट मंत्री बने हैं, किसी की चापलूसी कर नहीं।

उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। कठोर सर्दी में पीड़ितों को श्मशान घाट में सोना पड़ रहा है, यह प्रशासन के अमानवीय रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से हाई कोर्ट के आदेश की प्रति मांगी थी, जिसके आधार पर घरों को तोड़ा जा रहा है, परंतु अब तक उन्हें वह दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। इसलिए वे इस मामले को हाई कोर्ट में चुनौती देने जा रहे हैं।

पूर्व मंत्री ने कहा कि वे सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि बिना पुनर्वास और मानवीय आधार के की जा रही कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने मोहन कर्मकार और प्रमोद लाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चम्मचगिरी कर पद प्राप्त कर रहे हैं, जबकि वे और उनके समर्थक आज भी जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।

दुलाल भुईयाँ ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उनकी लड़ाई पूरी तरह जनता के हितों के लिए है। उन्होंने कहा कि गरीबों का घर उजाड़कर विकास नहीं किया जा सकता और सरकार को ऐसे निर्णयों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जनता उनके साथ है और यह लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ी जाएगी।

शहर के इस राजनीतिक विवाद ने सड़क चौड़ीकरण अभियान को सियासी रंग दे दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा झामुमो और विपक्ष के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है।

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