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Wed. Mar 4th, 2026

चाईबासा में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा—‘सारंडा से नक्सलियों का सफाया बहुत जल्द’, सुरक्षा बलों संग की हाई-लेवल समीक्षा बैठक

चाईबासा। झारखंड की प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्रा बुधवार को चाईबासा पहुंचीं, जहां उनका स्वागत प्रशासन और सुरक्षा बलों ने पूरे सम्मान के साथ किया। टाटा कॉलेज मैदान स्थित हेलीपैड पर उनके पहुंचते ही कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, उपायुक्त चंदन कुमार, एसपी अमित रेणु, CRPF और कोबरा बटालियन के कमांडेंट ने गुलदस्ता देकर उनका अभिनंदन किया। डीजीपी को औपचारिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया, जिसके बाद वह सीधे पुलिस कार्यालय स्थित सभागार के लिए रवाना हुईं।

सभागार में डीजीपी ने नक्सल उन्मूलन से जुड़ी स्थिति और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की विस्तृत समीक्षा की। सारंडा जंगल क्षेत्र में छिपे नक्सलियों की गतिविधियों, सर्च ऑपरेशन के दौरान आने वाली चुनौतियों, बलों की तैनाती, संसाधनों की उपलब्धता और विभागीय समन्वय जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। डीजीपी मिश्रा ने कहा कि नक्सल-विरोधी अभियान फील्ड स्तर पर अत्यंत चुनौतीपूर्ण होते हैं, लेकिन पुलिस, CRPF, कोबरा और जगुआर के संयुक्त प्रयासों से इन अभियानों में लगातार सफलता मिल रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सारंडा में सक्रिय नक्सलियों को जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा और इस दिशा में आवश्यक तैयारियां की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का विश्लेषण कर उन्हें दूर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भावी ऑपरेशन अधिक प्रभावी और सटीक हों। डीजीपी ने टीमवर्क को अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि उनका लक्ष्य सुरक्षित, सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से अभियानों को संचालित करना है।

चाईबासा में प्रथम आगमन पर डीजीपी को मिले भव्य स्वागत के बीच बैठक में आईजी माइकल राज, डीजे साकेत कुमार, कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, एसपी अमित रेणु, CRPF, कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी एसडीपीओ उपस्थित रहे। सुरक्षा एजेंसियों के साथ की गई इस विस्तृत समीक्षा से यह संदेश स्पष्ट है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन सारंडा को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है, और आने वाले दिनों में अभियान के ठोस परिणाम देखने को मिलेंगे।

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