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Wed. Mar 4th, 2026

चाईबासा में आयरन ओर खनन: कितना बड़ा है कारोबार, सालों से नहीं थमा अवैध खनन का सिलसिला!

अभिषेक कुमार

जमशेदपुर: झारखंड के चाईबासा जिले में आयरन ओर का खनन कोई नया विषय नहीं है, लेकिन गंभीर चिंता की बात यह है कि अवैध खनन का यह सिलसिला वर्षों से बेरोकटोक जारी है। हर साल करोड़ों रुपये का आयरन ओर बिना किसी वैध अनुमति के निकाला जा रहा है और उसे खुले बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह अवैध कारोबार वर्षों से चला आ रहा है, जिसमें केवल खनन माफिया ही नहीं, बल्कि कुछ वरीय प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के भी आरोप सामने आए हैं। नोवामुंडी, मनोहरपुर, गुवा, जामदा, बड़ा जामदा, डीपीएस स्कूल के पीछे का इलाका और गुवा रेलवे साइडिंग जैसे क्षेत्रों में खनन कंपनियों और दलालों का एक मजबूत और संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व में खनन पर प्रशासन की पकड़ मजबूत थी, लेकिन हाल के वर्षों में अमर सिंह, विनय सिंह और अरविंद चौरसिया द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है।

सौ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
हाल ही में सामने आए मामलों से यह बात उजागर हुई है कि उक्त व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे खनन से राज्य को अब तक सौ करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान हो चुका है। ट्रकों के माध्यम से निकाले गए अवैध आयरन ओर को गिरिडीह, दुर्गापुर, विशाखापट्टनम (वाईजेक), ओडिशा और अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है।

प्रशासनिक चुप्पी और पुलिस की भूमिका पर सवाल

सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस को पहले से थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नोवामुंडी थाना प्रभारी पर आरोप है कि वे इस अवैध कारोबार में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से हिस्सेदार हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रत्येक ट्रक से उन्हें ‘हिस्सेदारी’ की राशि दी जाती है।

हाल ही में जब कुछ ट्रकों को पकड़ा गया, तो थाना प्रभारी ने अपना मोबाइल फोन तक बंद कर लिया, जिससे उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

केस स्टडी
केस नंबर 1:
हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र में 12 फरवरी की देर रात को चार ट्रकों में अवैध आयरन ओर पकड़ा गया।
केस नंबर 2:
चाईबासा डीएफओ की सूचना पर छह टेलर ट्रक जंगलों से पकड़े गए, जिनमें अवैध रूप से खनन किया गया आयरन ओर लदा था।

आईजी कार्यालय की चिंता, लेकिन कार्रवाई अब तक नदारद
छोटानागपुर प्रमंडल के आईजी अखिलेश झा के कार्यालय ने इस अवैध खनन पर गंभीर चिंता जाहिर की थी और कुछ प्रमुख नामों पर चर्चा भी की गई थी। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। यह स्थिति सवाल खड़ा करती है कि कहीं प्रशासनिक तंत्र की निष्क्रियता ही इस अवैध कारोबार को संरक्षण तो नहीं दे रही?

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