जमशेदपुर /पोटका
पोटका सीओ निकिता बाला के निर्देश पर पावरू मौजा में स्थित तितलिंग पहाड़ी के सरकारी रास्ते के सीमांकन को लेकर कुछ लोगों को नोटिस किया गया था, साथ ही ग्रामीणों द्वारा रास्ते के समीप मसना होने की बात की लिखित शिकायत करते हुए कहा था कि यह हमारा मसना स्थल है यहां विभिन्न समुदाय के दूध मुहें बच्चों की मृत्यु होने पर इस जगह पर जमीन में गाड़ा जाता है। इस जगह पर छेड़छाड़ हम बर्दाश्त नहीं करेंगे मगर शुक्रवार के दोपहर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ बुलडोजर चलायें जाने से आदिवासी भूमिज समुदाय के लोगों में काफी नाराजगी दिखाई दी और पावरु में एक एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर इसका ग्रामीणों ने विरोध जताया है। वही आदिवासी भूमिज समाज के सलाहकार सिद्धेश्वर सरदार, अध्यक्ष जयपाल सिंह, बबलू गोप एवं स्थानीय महिलाओं ने कहा कि जल, जंगल,जमीन, जीविका को छीनने का एक षड्यंत्र किया जा रहा है यह सरकारी रास्ता नहीं है। हम सबों के जमीन से होकर इस स्थल में दूध मुहें बच्चों को दफनाने के लिए मासना बनाया गया है ना कि सरकारी रास्ता है। उन्होंने कहा कि इस मसना तक जाने वाले संकीर्ण रास्ता को व्यवसायीकरण के लिए तितलिंग पहाड़ी से पत्थर लाने के लिए सडयंत्र किया गया। जिसके बाद बुलडोजर चला कर उनके जमीन में गड़े दूध मुहें बच्चों के ऊपर मिट्टी डाले जाने से ग्रामीणों में उबाल देखने को मिल रही है वहीं प्रेस वार्ता के दौरान कहा की अब हम सब यह तय करेंगे कि हमारे आस्था और गांव के मसना पर जो छेड़छाड़ हुआ है। उसका ग्राम सभा तय करेगी इसके बाद हम सब आगे निर्णय लेंगे और हम सब उग्र आंदोलन के लिए तैयार है। किसी भी हाल में हम सब मसना स्थल के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रेस कांफ्रेंस के मौके पर आदिवासी भूमिज समाज के आलो मनी सरदार, गुरुवार सरदार, चेमी सरदार, सुखदा सरदार, सुहागई सरदार, आनंदपाल, आदि उपस्थित रहे।

