हाता, पोटका: हाता और हल्दपोखर से प्रतिदिन जमशेदपुर जाने वाली 10 से 15 जीतो और मैजिक गाड़ियों के चालक शनिवार को हड़ताल पर चले गए। जुगसलाई ट्रैफिक पुलिस द्वारा बार-बार की जा रही प्रताड़ना से तंग आकर चालकों ने अपनी सेवाएँ बंद कर दीं। इस हड़ताल के कारण ग्रामीण इलाकों से शहर आने वाले मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्या है मामला?
जीतो और मैजिक गाड़ियाँ प्रतिदिन सुबह ग्रामीण इलाकों से मजदूरों को जमशेदपुर लाती हैं और शाम को वापस ले जाती हैं। इन वाहनों का किराया अन्य साधनों की तुलना में कम होने के कारण मजदूर वर्ग इन्हीं गाड़ियों पर निर्भर रहता है। लेकिन चालकों का आरोप है कि जुगसलाई ट्रैफिक पुलिस आए दिन उन्हें परेशान करती है, गाड़ियों को रोककर जुर्माना वसूलती है और कई बार मजदूरों को भी लाठीचार्ज का सामना करना पड़ता है।
चालकों ने क्यों की हड़ताल?
लगातार हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर चालकों ने शनिवार को अपनी गाड़ियाँ हाता में खड़ी कर दीं और हड़ताल पर चले गए। इससे सैकड़ों मजदूरों को शहर पहुँचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रविवार को अपने घर लौटने की योजना बना रहे मजदूर भी फँस गए।
विधायक से भी नहीं हो सकी मुलाकात
समस्या के समाधान के लिए चालकों ने स्थानीय विधायक से मिलने की कोशिश की, लेकिन विधायक अपने किसी अन्य कार्य में व्यस्त होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इससे नाराज होकर चालकों ने रविवार को भी अपनी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।
क्या बोले चालक और मजदूर?
एक जीतो चालक ने बताया, “हम कमाई के लिए दिनभर मेहनत करते हैं, लेकिन पुलिस का रवैया दिन-ब-दिन सख्त होता जा रहा है। रोज़-रोज़ चालान और मारपीट से हम तंग आ गए हैं।”
वहीं, एक मजदूर ने कहा, “हमारे पास इतना पैसा नहीं कि महंगे साधनों से सफर करें। ये गाड़ियाँ ही हमारी सहारा थीं, अब ये भी बंद हो गईं तो काम पर कैसे जाएँ?

