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Fri. Mar 13th, 2026

बारीगोड़ा में आनंद मार्ग का सेवा और कीर्तन कार्यक्रम:

बारीगोड़ा में आनंद मार्ग का सेवा और कीर्तन कार्यक्रम: 200 लोगों को भोजन, 100 पौधों का वितरण

जमशेदपुर: आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल द्वारा बारीगोड़ा की बस्तियों में सेवा, भक्ति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन के तहत 200 जरूरतमंदों को भोजन कराया गया और 100 फलदार पौधे वितरित किए गए, जिससे लोगों में सेवा भावना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश गया।

कार्यक्रम के दौरान आनंद मार्ग के सदस्य सुनील आनंद ने उपस्थित लोगों को भक्ति और कीर्तन का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि “बाबा नाम केवलम्” जैसे अनन्य भाव के कीर्तन से मानसिक शांति और आत्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। सुनील आनंद ने कहा, “हरि का कीर्तन करने से कार्य की तामसिकता कम होती है, इसलिए किसी भी कार्य में जाने से पहले 5 मिनट कीर्तन अवश्य करना चाहिए।”

उन्होंने कीर्तन को एक उच्चतम भावनात्मक अभ्यास बताया, जो मनुष्य को तनाव, अशांति और चिंता से मुक्त कराता है। कीर्तन हमें ईश्वर के साथ गहरे संबंध में जोड़ता है और हमारी आंतरिक शक्तियों को जागृत करता है, जिससे हम सफलता, आनंद और समृद्धि की ओर बढ़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कीर्तन के माध्यम से हम संकल्पशक्ति, विचारशक्ति और कार्यशक्ति को जाग्रत कर सकते हैं।

सुनील आनंद ने कीर्तन को ध्यान और भक्ति का एक विशेष माध्यम बताते हुए कहा कि इसके जरिए हम मन को संयमित कर सकते हैं और ईश्वरीय प्रेम का अनुभव कर सकते हैं। यह हमें इंद्रियों के विषयों से वैराग्य दिलाने और आत्मिक स्थिरता प्रदान करने में सहायक है, जो हमारे जीवन को धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करता है।

कार्यक्रम में सभी को संदेश देते हुए उन्होंने बताया कि कीर्तन न केवल एक साधना है, बल्कि यह प्रेम, सहानुभूति और एकाग्रता को बढ़ावा देता है। इससे हम अपने जीवन में सच्चे सुख और शांति का अनुभव कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कीर्तन हमें समाज के बंधनों से मुक्त कर आत्मिक स्वतंत्रता का एहसास कराता है और हमें प्रेम और सेवा के मार्ग पर प्रेरित करता है।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक कीर्तन और सभी में एकता, प्रेम और सेवा की भावना के संचार के साथ हुआ। इस आयोजन ने बारीगोड़ा के निवासियों के जीवन में सेवा, भक्ति और सामूहिकता का अद्वितीय अनुभव प्रदान किया।

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