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Thu. Feb 5th, 2026

आज भारत बंद!

नई दिल्ली-: सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति (SC) व जनजाति (ST) आरक्षण में क्रीमीलेयर पर दिए गए फैसले के खिलाफ आज कई संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है. इसके अलावा बसपा और आरजेडी जैसी पार्टियों ने भी बंद का समर्थन किया है. दरअसल, दलित और आदिवासी संगठनों ने हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर ये बंद बुलाया है. दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ (NACDAOR) ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए न्याय और समानता सहित मांगों की एक लिस्ट जारी की है.

बिहार के सहरसा में भी भारत बंद का असर दिख रहा है. सहरसा के थाना चौक पर भारत बंद के समर्थक जुटना शुरू हो गए हैं और सड़क जाम कर दी है. भीम सेना के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं. केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है. रामगढ़ में भारत बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है. NH/33 रांची-पटना मुख्य मार्ग जाम कर दिया है. प्रदर्शनकारी सड़क पर लेटकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

राजधानी दिल्ली में भारत बंद का असर देखने को नहीं मिलेगा. दिल्ली में व्यापारियों और फैक्ट्री मालिकों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) का कहना है कि दिल्ली में सभी 700 बाजार खुले रहेंगे. CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने बताया कि हमने कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, सदर बाजार, करोल बाग, कमला नगर, कनॉट प्लेस, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर आदि 100 से ज्यादा बाजारों के एसोसिएशंस से इस विषय पर चर्चा की और सभी का कहना है कि 21 अगस्त को भारत बंद को लेकर किसी ने भी व्यापारी संगठनों से ना ही संपर्क किया है और ना ही समर्थन मांगा है इसलिए दिल्ली के सभी 700 बाजार पूरी तरह से खुले रहेंगे. इसके अलावा सभी 56 इंडस्ट्रियल एरिया भी खुले रहेंगे.

भारत बंद की वजह से राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के सरकारी और गैर सरकारी स्कूल, कॉलेज बंद हैं. इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं. इसके अलावा आज कोचिंग संस्थानों से लेकर आंगनबाड़ी और लाइबेरी भी बंद रहेंगे. लेकिन सरकारी शिक्षकों और कार्मिकों का संस्थान में मौजूद रहने जरूरी होगा. भारत बंद के ऐलान को देखते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर जगदीश आर्य ने आदेश जारी किए हैं.

सुप्रीम कोर्ट के कोटे के भीतर कोटे से जुड़े फैसले को लेकर बुधवार को भारत बंद है. इस बंद का व्यापक असर झारखंड के गिरिडीह में देखा जा रहा है. सुबह से ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ता बंद कराने के लिए सड़कों पर उतर गए. वाहनों का परिचालन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. गिरिडीह बस स्टैंड से लंबी दूरी की चलने वाली गाड़ियां नहीं खुली. इसकी वजह से यात्रियों को वापस लौटना पड़ा है.

भारत बंद के मद्देनजर देश में क्या-क्या बंद रहेगा या क्या-क्या खुला रहेगा. इसे लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है. लेकिन बंद के मद्देनजर कई जगहों पर सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रभावित हो सकती है. एंबुलेंस, हॉस्पिटल और चिकित्सा सेवाओं सहित इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी. सरकारी दफ्तर, बैंक, पेट्रोल पंप , स्कूल और कॉलेज में सामान्य रूप से काम-काज होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बंद के आह्वान के बावजूद सार्वजनिक परिवहन, रेल सेवाएं चालू रहेंगी.

कोटे के भीतर कोटे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन (NACDAOR) ने मांगों की एक सूची जारी की है, जिसमें अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए न्याय और समानता की मांग शामिल हैं. संगठन SC, ST और OBC के लिए आरक्षण पर संसद के एक नए अधिनियम के अधिनियमन की भी मांग कर रहा है, जिसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करके संरक्षित किया जाएगा.

NACDAOR ने सरकारी सेवाओं में SC/ST/OBC कर्मचारियों के जाति-आधारित डेटा को तत्काल जारी करने की भी मांग की है ताकि उनका सटीक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके. इसके अलावा समाज के सभी वर्गों से न्यायिक अधिकारियों और न्यायाधीशों की भर्ती के लिए एक भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना की भी मांग की जा रही है. जिसका लक्ष्य हायर ज्यूडीशियरी में SC, ST और OBC श्रेणियों से 50 फीसदी प्रतिनिधित्व लेना है. केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सभी बैकलॉग रिक्तियों को भरने का आह्वान किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने एक फैसले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों के बीच में ही अलग-अलग श्रेणियां बनाने की राज्य सरकारों को मंजूरी दी थी. कोर्ट ने कहा था कि आरक्षण का सबसे अधिक फायदा जरूरतमंदों को मिलना चाहिए. ऐसे में इस फैसले के खिलाफ दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ (NACDAOR) ने भारत बंद का ऐलान किया है. कई संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया है.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भारत बंद का आह्वान किया गया है क्योकि कोर्ट के इस फैसले को दलित और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया गया था. कोर्ट से इस फैसले को वापस लेने की मांग की जा रही है. भारत बंद को देखते हुए जयपुर, दौसा, भरतपुर, गंगापुर सिटी, डीग समेत पांच जिलों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. इसके अलावा गुड़गांव, झुंझुनू और सवाईमाधोपुर जिले में भी स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं.

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