दादा दादी नाना नानी सम्मान समारोह का आयोजन किया
लातेहार संवाददाता धीरज कुमार की रिपोर्ट
लातेहार शहर धर्मपुर पथ स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में दादा दादी नाना नानी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्मला बरेलिया, उपाध्यक्ष राजीव रंजन पांडे, विद्यालय के कोषाध्यक्ष ज्योति चौधरी, विद्यालय के प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी के द्वारा संयुक्त रुप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया गया। उक्त कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दादा दादी नाना नानी एवं अभिभावक वृंद उपस्थित हुए। दादा दादी नाना नानी को उनके नाती पोते एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा पैर प्रक्षालन , आरती, तिलक लगाकर उन्हें सम्मानित किया गया। दादा दादी नाना नानी कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे मुन्ने छात्र-छात्राओं के द्वारा रंगमंच कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, कक्षा अष्टम की प्रतिभा, एन्जेल, आरती ने जय गणेश जय गणेश देवा सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को भाव विभोर कर दिया। विद्यालय के नन्हे छात्र-छात्राएं आकृति, आरोही ,समृद्धि, रुद्रांश ,जय आदि ने दादा दादी नाना नानी वेलकम टू माय स्कूल नृत्य को प्रस्तुत किया। जिसकी लोगों ने भूरी भूरी प्रशंसा की, सौम्या, प्रेरणा आदि चतुर्थ के छात्र-छात्राओं ने चांद से प्यारी दादी मां नृत्य प्रस्तुत किया जिसे देखकर दादा दादी व नाना नानी भाव विभोर हो गए। वही कक्षा सप्तम के छात्र अभ्यांश, अमर ने दादा दादी का दिल ना दुखा -दिल ना दुखा.. कव्वाली प्रस्तुत कर लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया कार्यक्रम की अगली कड़ी में मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्मला बरेलिया ने कहा कि दादा दादी नाना नानी सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में भारतीय संस्कारों के प्रति रुचि व अपने से बड़ों के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव विकसित करना है। विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के सचिव नरेंद्र पांडे ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय में इस प्रकार का कार्यक्रम होनी चाहिए। अगर व्यक्ति संस्कारी बनता है तो वह सदैव अपने जीवन में उच्च शिखर तक पहुंच जाता है , उपाध्यक्ष राजीव रंजन पांडे ने बताया कि शिक्षा के साथ संस्कार हो तभी हमारा देश फिर से विश्व गुरु बन सकेगा।

कार्यक्रम के विषय प्रवेश कराते हुए प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि दादा दादी नाना नानी ईश्वर के रूप होते हैं उन्हें हमें सदैव सम्मान करना चाहिए। अतिथियों को सत्कार एवं बड़ों का सम्मान करना हमारी प्राचीन सभ्यता रही है। जिस प्रकार श्री कृष्ण ने सुदामा का पैर प्रक्षालन किया था उससे हमें सीख लेनी चाहिए वर्तमान समय में मानव मूल्यों का ह्रास, संयुक्त परिवार का बिखर जाना, वृद्धा आश्रम खोलने की आवश्यकता पढ़ना । हम अपने विद्यालय के माध्यम से इस प्रकार के कार्यक्रम कर इसके हृश को रोका जा सकता है।

अंत मे विद्यालय के प्रबंध कारिणी समिति के पदाधिकारियों द्वारा इस कार्यक्रम में आए सभी दादा दादी नाना नानी को हनुमान चालीसा और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 200 दादा-दादी नाना नानी ने भाग लिया।
विद्यालय के कोषाध्यक्ष ज्योति चौधरी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
वहीं मंच संचालन -रजनी नाग गीता कुमारी ने किया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्मला बरेलिया , विद्यालय के सचिव नरेंद्र कुमार पांडे, उपाध्यक्ष राजीव रंजन पांडे, कोषाध्यक्ष ज्योति चौधरी, समिति सदस्य दिनेश कुमार महलका, मनीष कुमार सिंह के साथ-साथ विद्यालय के आचार्य लाल बहादुर राम, शशिकांत पांडे, विजय कुमार पाठक, ओंकारनाथ सहाय, ममता त्रिपाठी, सुरेश ठाकुर, अभिनय कुंभकार, रेनू गुप्ता, गोपाल प्रसाद, रितेश रंजन गुप्ता, पूनम गुप्ता आलोक कुमार पांडे गीता कुमारी फूलचंद कुमार सिंह, रवि कांत पाठक, रविंद्र पांडे, दीपक कुमार शर्मा, विकास कुमार गुप्ता, रजनी नाग, श्वेता श्रीवास्तव, प्रवीण प्रसाद यादव, अनुजा कुमारी, शिल्पा कुमारी, उपासना कुमारी, के साथ रूपेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।


