झारखण्ड सरकार द्वारा पिछले दिनों आयोजित कैबिनेट की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अब नगर निगम/नगर पर्षद/नगर पालिका के क्षेत्रों में आवासीय और व्यवसायिक भवनों का होल्डिंग टैक्स सर्किल रेट के हिसाब से वसूली जायेगी। इस निर्णय से होल्डिंग टैक्स में 3 से 5 गुणा की वृद्धि होगी और इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा जो कि पहले ही महंगाई की मार झेल रही है, उसके लिये कष्टदायक और आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला साबित होगा।
होल्डिंग टैक्स की इस बढ़ोतरी से आवासीय और व्यवसायिक भवनों के टैक्स में काफी बदलाव हुआ है। पहले जहां एक आवासीय मकान का होल्डिंग टैक्स 1000/- रूपये देना पड़ता था, वहीं अब 3 से 5 गुणा बढ़ोतरी के हिसाब से 3000/- रूपये जमा करना होगा और व्यवसायिक भवनों का होल्डिंग टैक्स ब़ढ़ोतरी के पश्चात् लगभग पांच गुणा अधिक जमा करना होगा। इससे झारखण्ड राज्य में महंगाई में और अधिक ईजाफा होने की आशंका है। चूंकि सर्किल रेट में प्रति वर्ष बढ़ोतरी होती है और इस बढ़ोतरी के कारण होल्डिंग टैक्स में भी प्रतिवर्ष स्वतः बढ़ोतरी हो जायेगी।
झारखण्ड की सरकार झारखण्ड के विकास के लिये प्रयत्नशील है और आम जनता और गरीबों के लिये अच्छा कार्य कर रही है। इसलिये कैबिनेट में लिये गये सर्किल रेट के हिसाब से होल्डिंग टैक्स वसूली के प्रावधान को अविलंब वापस लेने का निर्णय सरकार के द्वारा किया जाना चाहिए और उसे पुनः वार्षिक किराया दर के हिसाब से ही वूसली की जानी चाहिए।

