हिंडाल्को बाक्साइड टोरी में मात्र एक पेयजल कूप के भरोसे हजारो हजार लोग मजबूर
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चंदवा संवाददाता मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट
चंदवा 23 मार्च 2022 को, चंदवा के टोरी बाक्साइड साइडिंग में दौरे के क्रम में पाया कि लगभग पांचस वर्षों से निर्मित पेयजल कूप है। साइडिंग कार्य मे लगे लगभग डेढ़ हजार मजदूरों की प्यास इस चिलचिलाती धूप में बुझाने का काम करती है। ऐसे भी पुराण बस स्टैंड होने के कारण हजारो लोग प्रतिदिन वहां पर इक्कट्ठा होते आ रहे है। इतने लोगो की तेदाद होने के बावजूद भी हिंडाल्को टोरी साइडिंग में एक भी प्याऊ स्थान कम्पनी द्वारा नही बनाया गया है। कम्पनी 1965 में टोरी साइडिंग में आई तब से आज तक जनसेवा का एक भी कार्य कम्पनी द्वारा नही की गई है। जिसके परिणामस्वरूप गरीब मजदूर कम्पनी से जनसुविधाओं को लेकर कम्पनी के प्रबंधक से लगातार मांग करते आ रहे है। लेकिन कम्पनी के प्रबन्धको का अभी तक जन सेवा की ओर कुछ भी ध्यान नही है।
कम्पनी ने भलाई के बदले बाक्साइड के धूल कणों से चन्द्ववासियो को प्रभावित कर अनेको बीमारिया उतपन्न कराई है। चंदवा के लाइफ लाइन कहे जाने वाले जगरहा डेम के टूधामु अलोदिया पर स्थित उदगम स्थल को धूल कणों से भर दिया है। उदगम स्थल प्रायः मृत हो चुका है। ऐसी परिस्थिति में जगरहा लाइफ लाइन कहे जाने वाले डेम पर जल संकट उतपन्न हो चुका है।
डेम में एकत्रित जल को बाक्साइड के धूल कणों से प्रदूषित कम्पनी ने कर रखा है।
जगरहा डेम के स्वछ जल से कपड़ो की सफाई तथा नितप्रतिदिन स्थानीय लोग स्नान कर अपने आप को सन्तुष्ट पाया करते थे। वैसे सभी लोग कम्पनी के काले कारनामे के परिणामस्वरूप चिंतित है।
बताते चले कि पेजल कूप के बगल में एक शीतल जल का प्याऊ का व्यवस्था था। परंतु तत्कालिक साइडिंग इंचार्ज अभिषेक कुमार के द्वारा बंद करा दिया गया है। टोरी साइडिंग में पेय जल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। मजदूर अपने कार्य के दौरान इधर उधर जाकर अपनी प्यास बुझाते है। हिंडाल्को द्वारा जो समाज कल्याण के नाम पर राशि आवंटित की जाती है। उसकी बड़ी रकम कम्पनी के लोगो ने आपस मे बंदरबाट करने की प्रिपर्टी बना रखी है। और स्थानीय लोगो को मुंगेरीलाल की हसीन सपना दिखा रही है।

