टोरी आरपीएफ पुलिस की जुल्म अत्याचार के खिलाफ ग्रामीण हुए एकजुट
बैठक कर आरपीएफ पुलिस के अत्याचार का किया कड़ा विरोध
*चंदवा संवाददाता मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट*
ग्यासुद्दीन व दो अन्य को पिटाई करने में शामिल आरपीएफ पुलिस पर कार्रवाई की मांग की गई
चंदवा। टोरी आरपीएफ पुलिस की जुल्म के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है, इसको लेकर चंदवा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर बैठक की, इसकी अध्यक्षता मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सह चतरा लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे अयुब खान कर रहे थे, बैठक को संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य दीपू कुमार सिन्हा ने कहा कि आरपीएफ पुलिस का जुल्म अत्याचार लगातार बढ़ रहा है,

इसका सामुहिक रूप से कड़ा विरोध किया जाएगा, उन्होंने आगे कहा कि पुलिस अपने रेलवे स्टेशन पर यात्रा करने वालों को भी नहीं बख्श रही है, चूल्हे में जलाने के लिए कोईला चुनने वाले महिलाओं के साथ अत्याचार किया जा रहा है, जहां आरपीएफ का अधिकार छेत्र नहीं है वहां से निर्दोष विधवा महिलाओं को भी पकड़कर जेल भेज रही है, पिछले दिनों ग्यासुद्दीन मियां व दो अन्य की पिटाई के मामले की लिखित शिकायत जीआरपी थाना बरकाकाना को दिए एक सप्ताह हो गया लेकिन अबतक कार्रवाई नहीं हुई, जल्द ही इस मामले पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति अपनाई जाएगी, उन्होंने कहा कि खनिज संपदा पर ग्राम सभा और ग्रामीणों का अधिकार है, आरपीएफ पुलिस संरक्षण में कोयला और लोहा चोरी का धंधा फल फुल रहा है ऐसे लोगों पर कार्रवाई न कर गरीब ग्रामीण महिलाओं को तंग और तबाह किया जा रहा है, ऐसे कई निर्दोष हैं जिन्हें आरपीएफ पुलिस जेल भेजकर उनकी परिवार को बदहाली के कगार पर धकेल दिया है, बैठक को सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश कुमार उरांव, मो0 आरिफ, मो0 सनाउल्लाह, मो0 इरफान सजजु, मो0 एकराम ने किया, इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं पुरुष शामिल थे।

