*विधायक शशि भूषण मेहता, एमके कॉलेज के सचिव बन, बना रहे है कॉलेज को गंदी राजनीति का अड्डा।*
*आइसा छात्र नेताओं हुए झूठा मुकदमा के खिलाफ छात्रों ने डाल्टनगंज में किया प्रदर्शन।*
*प्रदर्शन में विधायक शशि भूषण मेहता, को सचिव पद और प्राचार्य प्रेमचंद महतो को बर्खास्त करने की मांग की।*
डाल्टनगंज : 28/8/2021
आइसा राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ,विवेक कुमार,अविनाश रंजन,और तरूण कुमार सहित अन्य 10 लोगों पर मजदुर किसान महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा झूठा मुकदमा के खिलाफ छात्रों ने जेल हाता चौक से छः मुहान होते हुए कचहरी एसडीओ ऑफिस के समाने तक रोषपूर्ण मार्च किया गया।
सभी छात्रों के हाथों में तख्ती और बैनर था जिसमें नारे लिखा हुआ था.आइसा नेता त्रिलोकी नाथ,विवेक कुमार,अविनाश रंजन सहित अन्य पर हुए मुकदमा वापस लो!
दलित विरोधी प्राचार्य को बर्खास्त करो!
रोहित एक्ट लागू करो!
फीस वृद्धि वापास लो!
वोनाफाइड को निशूल्क करो!
सहित अन्य जोरदार नारों से शहर गुजता रहा.
अनुमंडलीय अधिकारी जो एम के डंडार महाविद्यालय के शासनिक इकाई के अध्यक्ष भी है, उनको मार्च कर के मांग पत्र सौंपा।
मार्च के बाद एसडीओ ऑफिस के सामने सभा हुई सभा के बाद एसडीओ को मांग पत्र सौंपा गया।
मार्च का नेतृव पाटन प्रखंड के अध्यक्ष ममता और विकास ने किया।
मौक पर आइसा जिला अध्यक्ष दिव्या भगत ने कहा कि जब से एमके कॉलेज के सचिव स्थानीय विधायक शशिभूषण मेहता बने है, कॉलेज को ओछी छात्र विरोधी, गरीब विरोधी और दलित विरोधी भाजपा की राजनीति का अड्डा बना दिया है। भाजपा के केंद्र में नई शिक्षा नीति लाकर जो आरक्षण खत्म और शिक्षा को महंगा करने की शाजिस है, उसी को विधायक एम के कॉलेज में दोहरा रहे है। एम के कॉलेज मजदूरों और किसानों के बच्चों के बजाय, उनके स्कूल ऑक्सफोर्ड जैसे पूंजीपतियो के बच्चों के लिए बन जाए, ये उनकी मंशा है।
पाटन अध्यक्ष ममता कुमारी ने कहा कि आइसा लोकतान्त्रिक तरीके से पांकी में छात्रवृत्ति कटौती,फीसवृद्धि,और सीट कटौती सहित अन्य छात्रों के सवालों पर लागतार संघर्ष करते रही हैं। पिछले दिनों मजदुर किसान महाविद्यालय के चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों का वेंतन भुगतना को लेकर भूख हड़ताल चल रहा था जिसमें आइसा ने समर्थन दिया था।
21अगस्त को छात्रवृत्ति के संदर्भ में आइसा प्रखंड अध्यक्ष विवेक कुमार प्रिंसिपल से बात करने कॉलेज गए थे।
मालूम हो कि पिछले वर्ष कई छात्रों का छात्रवृति कॉलेज की वजह से नही मिला है,जब इस पर विवेक कुमार बात करने लगे तो प्रिंसिपल गाली गलौज करने लगें। बोले तुम भुइयां लोग आइसा के साथ जाके ज्यादा हीरो बन गए हो चुपचाप यहां से निकल जाओ,पैसा नहीं हैं तो कमा के पढ़ो ,नही तो मारते मारते पुलिस में डलवा दूंगा। जब आइसा राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ,इसका प्रतिरोध किए तो उनके साथ भी धक्का मुक्की करने लगें।
इसके बाद प्रिंसिपल उल्टा आइसा के साथियों पर केस कर दिया गया और प्राचार्य द्वारा परीक्षा बाधित करनें व मारपीट का आरोप लगाया हैं।
जरा सोचिए छात्रों को बेहतर शिक्षा,सबको शिक्षा और छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए आइसा लागतार संघर्ष करते रहीं हैं तो दुसरी तरफ छात्रों का भविष्य खराब के लिए परीक्षा बाधित करेगी?
कॉलेज के प्राचार्य लागतार झूठा आरोप लगाते रहे हैं और विवादित रहे है कई अभिभावकों से झगड़ा रहा हैं.हो सकता है जनता का गुस्सा का शिकार हुए हो।
प्राचार्य छात्रों के सवालों को दबाने के लिए आइसा नेताओं पर झूठा आरोप लगा रहे हैं।
बिलकुल अभी 5 साल पहले रोहित के साथ भी ऐसा ही हुआ था, हैदराबाद विश्वविद्यालय के वीसी अपा राव ने रोहित वर्मुला पर झूठे मुकदमे किए, होस्टल और विद्यालय से बाहर किया, छात्रवृत्ति छीन ली, अंत में हार मान कर रोहित ने आत्मा हत्या कर ली। आइसा इसे सांस्थानिक हत्या कहती है। और तब से रोहित एक्ट की मांग कर रही है। जिसमे कॉलेज वी वि में दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे उत्पीड़न के लिए शिक्षण संस्थानों में एक कंप्लेंट सेल बने और खास प्रावधान हो।
आइसा मांग करती हैं किया कि आइसा नेताओं पर लगे झूठा मुकदमा वापस लो।
प्राचार्य को बर्खास्त किया करो।
विधायक शशिभूषण मेहता को कॉलेज सचिव पद से हटाओ।
फीस वृद्धि वापास लो।
छात्रवृत्ति बोनाफाइड को निशुल्क करो।
रोहित एक्ट लागू करो।
नई शिक्षा नीति वापस लो।
मार्च में रेखा कुमारी,प्रीति कुमारी,सोनम, प्रियंका,कविता, आरती,लक्ष्मी नेहा,अजय कुमार, उमेश कुमार छोटू सिंह, विक्की सिंह उदय कुमार सहित सैकड़ों छात्र छात्राएं उपास्थित थे।

