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कोयल व्यू के आसपास के रैयतों ने उनकी रैयती भूमि को पर्यटन विभाग को देने का विरोध किया। नेतरहाट

महुआडांड़

पर्यटन क्षेत्र के रुप में विकसित करने को लेकर शुक्रवार को पर्यटन,कला संस्कृति,खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव अमिताभ कौशल के नेतृत्व में 4 सदस्यीय टीम ने नेतरहाट का दौरा किया था,इस दरम्यान टीम ने कोयल व्यू पॉइंट का भी निरिक्षण किया एवं कोयल व्यू पॉइंट को विकसित करने की बात कही साथ ही कोयल व्यू पॉइंट में रेस्टोरेंट बनाने तथा कोयल व्यू पॉइंट से मोरवाई तक रोपवे बनाने की कार्ययोजना की जानकारी दी।वही इसकी जानकारी ग्रामीणों को होने पर कोयल व्यू के आसपास के रैयतों ने उनकी रैयती भूमि को पर्यटन विभाग को देने का विरोध किया।इस संबंध में कोयल व्यू के पास के रैयत झूलन किसान, टूलन किसान व विफना किसान(खाता सं. 63, प्लॉट नं. 2138 रकवा 1.2 एकड़)एवं रैयत घासी किसान व रंगु किसान (खाता सं. 23, प्लॉट नं. 2146 का 0.88 एकड़)के साथ कई ग्रामीणों ने कोयल व्यू पर आकर विरोध प्रदर्शित किया।इस संबंध में ग्रामीणों ने जानकारी दी कि कोयल व्यू पॉइंट की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जबकि इसकी खबर रैयत को तक नहीं दी गई है।अमीन, राजस्व कर्मचारी और अंचल अधिकारियों की गतिविधियों से रैयतों और ग्रामीणों को इसकी भनक लगी और पता करने पर यह पता चला कि ये दोनों प्लॉट को भूमि अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।इसकी जानकारी होते ही रैयत और ग्रामीण एकजुट हो गए हैं।अब ग्रामीण ग्राम-सभा कर सभी विभागों को आपत्ति पत्र भेजेंगे।वही इस संबंध में पूछे जाने सीओ शम्भू राम ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की एक प्रक्रिया होती है जिसके बाद ही रैयतों को भुमि के शुल्क का चार गुना दाम देने के उपरांत भूमि अधिग्रहण किया जाता है जबकि नेतरहाट में अभी ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है,और ना ही कोई प्रक्रिया अभी की गई है,सभी बातें गलत है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

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