जमशेदपुर। बोर्ड परीक्षाओं के नजदीक आते ही छात्रों पर बढ़ते मानसिक और शैक्षणिक दबाव को देखते हुए आत्महत्या निवारण केंद्र जीवन जमशेदपुर ने छात्रों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव से उबारना, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद करना और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करना है।
मंगलवार को जीवन जमशेदपुर के डायरेक्टर युवराज जैन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं जीवन का केवल एक चरण हैं, न कि जीवन की अंतिम कसौटी। केंद्र ने छात्रों को अनुशासित लेकिन स्वस्थ अध्ययन पद्धति अपनाने की सलाह दी है। इसके तहत यथार्थपरक अध्ययन योजना बनाने, छोटे और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य तय करने तथा केवल गाइड बुक्स पर निर्भर रहने के बजाय पूरे पाठ्यक्रम की गहन पुनरावृत्ति पर जोर दिया गया है। छात्रों को सकारात्मक सोच बनाए रखने, अपनी तैयारी पर भरोसा रखने और घबराहट से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि अत्यधिक तनाव और चिंता परीक्षा के समय भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती है।
केंद्र ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को समान रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और पढ़ाई के दौरान नियमित अंतराल लेने की आवश्यकता पर बल दिया है। मार्गदर्शिका के अनुसार, एकाग्र अध्ययन के बाद छोटे ब्रेक लेने से एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक थकान कम होती है। अंतिम समय में रटने, दूसरों से तुलना करने और चुनिंदा पढ़ाई से बचने की भी सलाह दी गई है।
जीवन जमशेदपुर ने यह भी कहा है कि मानसिक परेशानी, भय या चिंता की स्थिति में छात्रों को चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि माता-पिता, शिक्षकों या परामर्शदाताओं से खुलकर बात करनी चाहिए। केंद्र ने भरोसा दिलाया है कि मदद हमेशा उपलब्ध है और सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस का प्रतीक है।
जीवन जमशेदपुर अपने केंद्र 25, क्यू रोड, बिष्टुपुर में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रत्यक्ष परामर्श सेवा प्रदान करता है। इसके अलावा, भावनात्मक सहयोग के लिए 9297777499 और 9297777500 हेल्पलाइन नंबरों पर फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से भी सहायता उपलब्ध है।

