चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से जुड़े एक गंभीर पोक्सो मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों अभियुक्तों को लंबी सजा सुनाई है। मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 79/2022, दिनांक 24 मई 2022 को दर्ज इस मामले में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने सोमवार को निर्णय सुनाते हुए दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
मामला नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 376DA, 506 तथा पोक्सो एक्ट 2012 की धारा 4/6 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अभियुक्तों की पहचान सुनील देवगम, पिता गारदी देवगम, निवासी महुलसाई तसर फॉर्म रोड बारी निवास के सामने, थाना मुफ्फसिल तथा रवि उर्फ गोमिया पुरती, पिता रमेश पुरती, निवासी टुटुगुटू, थाना झीकपानी, वर्तमान पता गितिलिपी किडीगोट, थाना मुफ्फसिल, जिला पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के रूप में हुई थी।
घटना की जानकारी मिलते ही चाईबासा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का संकलन किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया।
आरोप पत्र के आधार पर मामले का विचारण पोक्सो केस संख्या 29/2022 के रूप में किया गया। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने दिनांक 09 फरवरी 2026 को दोनों अभियुक्तों को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाया। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक अभियुक्त को 25 वर्ष का कठोर कारावास तथा 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।

