चाईबासा: देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर चाईबासा की महादेव कॉलोनी में पूर्व वार्ड पार्षद, समाजसेवी एवं कुष्ठ रोगी, गरीब, दिव्यांग और वृद्धजनों के मसीहा के रूप में पहचाने जाने वाले स्वर्गीय महादेव लकड़ा की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम महादेव कॉलोनी में सादगी, सम्मान और भावनात्मक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी एवं खेल प्रेमी सुनील प्रसाद साव उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में संचू तिर्की (अध्यक्ष, आदिवासी उरांव समाज संघ), अनिल लाकड़ा (सचिव), सहदेव कि किस्पोट्टा (मुख्य सलाहकार) के साथ-साथ अनंत लाल विश्वकर्मा, विनोद गुप्ता, पवन विश्वकर्मा, राजशेखर सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए।
बताया गया कि स्वर्गीय महादेव लकड़ा का जन्म 8 अगस्त 1991 को हुआ था तथा उनकी पुण्यतिथि 27 नवंबर 2016 है।
प्रतिमा अनावरण के इस कार्यक्रम में स्व. लकड़ा का पूरा परिवार उपस्थित रहा। उनकी धर्मपत्नी चन्द्रो लकड़ा, बड़े सुपुत्र उपदेश लकड़ा तथा द्वितीय सुपुत्र देश प्रेमी लकड़ा अपनी-अपनी धर्मपत्नी के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्व. महादेव लकड़ा के बड़े सुपुत्र उपदेश लकड़ा ने कहा कि उनके पिता हमेशा समाज के प्रति सजग और संवेदनशील रहे। उनकी सोच उच्च स्तरीय थी और वे अपना अधिकांश समय गरीब, दुखी और पीड़ित लोगों के बीच बिताते थे। उन्होंने विशेष रूप से कुष्ठ रोगियों की सेवा की और उन्हीं के लिए सबसे पहले महादेव कॉलोनी की स्थापना की थी। उपदेश लकड़ा ने कहा कि उनका संकल्प है कि वे अपने पिता के हर सपने को पूरा करेंगे और उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। इसके लिए उन्हें समाज के लोगों के प्यार, आशीर्वाद और मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
प्रतिमा अनावरण के पश्चात मुख्य अतिथि सुनील प्रसाद साव ने कहा कि स्वर्गीय महादेव लकड़ा उनके बड़े भाई समान थे। उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा। स्व. लकड़ा ने राजनीति के साथ-साथ समाजसेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज महादेव कॉलोनी उनकी मेहनत, दूरदर्शिता और सेवा भावना की जीवंत पहचान है, जिसे लोग दूर-दूर तक महादेव कॉलोनी के नाम से जानते हैं। उन्होंने कहा कि स्व. लकड़ा द्वारा किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता और वे स्वयं भी उनके सपनों को साकार करने में अपना योगदान देने का प्रयास करेंगे।
अपने संबोधन में सुनील प्रसाद साव ने स्व. लकड़ा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनके दो करीबी मित्र दुखिया भुइंया और मुख्तार अहमद हमेशा उनके साथ रहते थे। स्कूल के दिनों से ही वे समाज सेवा के प्रति सक्रिय थे और किसी भी विभाग से जुड़ी समस्या लेकर आने वाले लोगों को वे कभी मना नहीं करते थे।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि संचू तिर्की ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके समाज के एक ऐसे समाजसेवी की प्रतिमा आज स्थापित हुई है, जिनके नाम पर यह कॉलोनी बसी है। भले ही उन्होंने औपचारिक रूप से केवल दसवीं कक्षा तक ही पढ़ाई की थी, लेकिन उनका कार्य और सोच किसी भी डिग्री से कहीं बड़ा था। वहीं मुख्य सलाहकार सहदेव कि किस्पोट्टा ने कहा कि स्वर्गीय महादेव लकड़ा ने समाज के सचिव पद पर रहकर जो कार्य किए, वे समाज हित में अविस्मरणीय हैं। उन्होंने कहा कि सचमुच आज का दिन ऐतिहासिक है।

