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कैरव गांधी अपहरण मामला: 3 फरवरी को सरयू राय के नेतृत्व में मौन मार्च, जनता सड़क पर उतरेगी

जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण को लेकर शहर में चिंता और आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। 13 जनवरी से लापता कैरव गांधी के संबंध में फिरौती के लिए फोन आने की पुष्टि के बावजूद अब तक उनकी सकुशल बरामदगी नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से ठोस जानकारी के अभाव में लोगों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के निजी सचिव रिक्की केशरी ने एक बयान जारी कर कहा कि पुलिस के जिला और राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारी लगातार गंभीर प्रयासों की बात कर रहे हैं, लेकिन आम जनता के लिए कोई स्पष्ट और भरोसा दिलाने वाली सार्वजनिक सूचना सामने नहीं आ रही है। अखबारों में रोज़ाना अपुष्ट खबरें प्रकाशित हो रही हैं, जो कभी उम्मीद जगाती हैं तो कभी निराशा बढ़ाती हैं। इससे पीड़ित परिवार की पीड़ा और भी बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि विधायक सरयू राय को उस समय विशेष आशा बंधी थी, जब झारखंड की पुलिस महानिदेशक रविवार को जमशेदपुर पहुंचीं। ऐसा प्रतीत हुआ कि शायद कैरव गांधी की सकुशल वापसी से जुड़ा कोई सकारात्मक संकेत मिलेगा, लेकिन डीजीपी का दौरा भी किसी ठोस परिणाम या आश्वासन के बिना ही समाप्त हो गया। इससे शहरवासियों, विशेषकर उद्यमियों और व्यवसायियों के बीच असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है।

रिक्की केशरी के अनुसार, कैरव गांधी के अपहरण से न केवल उनका परिवार गहरे मानसिक कष्ट में है, बल्कि यह मामला शहर के संवेदनशील नागरिकों को भी भीतर तक उद्वेलित कर रहा है। विधायक सरयू राय प्रतिदिन पीड़ित परिवार के दर्द, सामाजिक बेचैनी और व्यापारिक जगत में व्याप्त भय से रू-बरू हो रहे हैं।

इन्हीं भावनाओं को स्वर देने के लिए सरयू राय ने निर्णय लिया है कि यदि झारखंड पुलिस और जमशेदपुर पुलिस प्रशासन एक सप्ताह के भीतर अपहरणकर्ताओं को बेनकाब कर कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित नहीं करता है, तो जमशेदपुर की जनता 3 फरवरी 2026, मंगलवार को सड़कों पर उतरेगी। यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और मौन होगा।

प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत प्रदर्शनकारी मुँह पर पट्टी बांधकर, हाथों में तख्तियां लिए गांधी घाट से उपायुक्त कार्यालय तक मौन मार्च करेंगे और अपने आक्रोश व पीड़ा को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त करेंगे। इस मौन प्रदर्शन का उद्देश्य प्रशासन का ध्यान इस गंभीर और ज्वलंत समस्या की ओर आकर्षित करना है।

रिक्की केशरी ने बताया कि विधायक सरयू राय ने जमशेदपुर के सभी सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है, ताकि एकजुट होकर प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके और कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी शीघ्र सुनिश्चित हो सके।

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