जमशेदपुर। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में जिला स्तरीय मुख्य समारोह भव्य, गरिमामय और देशभक्ति के उल्लासपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। सुबह ठीक 09:05 बजे जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसके साथ ही राष्ट्रगान की गूंज से पूरा मैदान देशभक्ति के रंग में रंग उठा।
ध्वजारोहण के पश्चात उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने संयुक्त रूप से परेड का निरीक्षण किया और जवानों की सलामी ली। समारोह में जिला पुलिस बल की पुरुष एवं महिला बटालियन, जैप-6, डिस्ट्रिक्ट आर्म्ड पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स, गृह रक्षक, एनसीसी कैडेट्स तथा स्कूली बच्चों के बैंड दलों ने अनुशासित एवं आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
परेड प्रतियोगिता में जिला महिला पुलिस की टुकड़ी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि जैप-6 की प्लाटून को द्वितीय और डिस्ट्रिक्ट आर्म्ड पुलिस (जैप) को तृतीय स्थान से सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने विजेता टुकड़ियों की सराहना करते हुए उनके अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की।
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने संविधान के मूल्यों, लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने झारखंड सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी साझा की। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों एवं झारखंड आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
इस अवसर पर शहीदों एवं झारखंड आंदोलनकारियों तथा उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। यह क्षण उपस्थित जनसमूह के लिए भावुक और प्रेरणादायक रहा। समारोह को और आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिनके माध्यम से सरकार की योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और विकास कार्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में सिटी एसपी कुमार शिवाशीष सहित कई वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। पूरे समारोह के दौरान देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता का उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

