रविवार दोपहर जमशेदपुर में उस वक्त पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई, जब झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा अचानक शहर पहुंचीं। डीजीपी के इस अचानक दौरे को लेकर पुलिस और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। माना जा रहा है कि यह दौरा हाल के दिनों में सामने आए कुछ चर्चित और संवेदनशील मामलों, विशेष रूप से 14 दिनों से लापता व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले से जुड़ा हुआ है।
डीजीपी तदाशा मिश्रा के साथ जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय और सिटी एसपी कुमार शुभाशीष भी मौजूद रहे। तीनों अधिकारियों ने कदमा–सोनारी लिंक रोड सहित शहर के विभिन्न इलाकों का भौतिक निरीक्षण किया और मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था व जांच की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की गतिविधियां बढ़ी नजर आईं, जिससे आम लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, डीजीपी ने एसपी आवास में एक घंटे से अधिक समय तक चली उच्चस्तरीय बैठक में कैरव गांधी अपहरण मामले की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जिले के तीनों एसपी, डीएसपी और कई इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी मौजूद थे। पुलिस कप्तान पीयूष पांडेय ने दावा किया कि कैरव गांधी की सकुशल वापसी को लेकर पुलिस कई अहम बिंदुओं पर लगातार काम कर रही है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। हालांकि जांच की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए उन्होंने इस मामले में अधिक जानकारी साझा करने से परहेज किया।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने अधिकारियों को कैरव गांधी अपहरण मामले में पुलिसिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने, तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ हर संभावित एंगल से जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस इस मामले में हनी ट्रैप और फिरौती जैसे पहलुओं को भी गंभीरता से खंगाल रही है। इसके साथ ही डीजीपी ने शहर में बढ़ते चोरी, छिनतई और नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने के स्पष्ट आदेश दिए।
कदमा–सोनारी लिंक रोड पर कुछ समय तक रुककर डीजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था, गश्ती व्यवस्था और क्षेत्र की समग्र स्थिति का जायजा लिया। एसएसपी पीयूष पांडेय ने मीडिया से बातचीत में इस दौरे को औपचारिक बताया, लेकिन साथ ही स्वीकार किया कि डीजीपी ने संगठित अपराध और नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की रणनीति पर विशेष जोर दिया है और जमशेदपुर को अपराध व नशा मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि पुलिस की ओर से डीजीपी के दौरे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जिस तरह से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कई अहम स्थलों का निरीक्षण और लंबी बैठक हुई, उससे यह स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि पुलिस किसी बड़े और संवेदनशील मामले को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। डीजीपी के इस दौरे को कैरव गांधी अपहरण मामले से जोड़कर देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस जांच से जुड़े कुछ अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।

