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Sun. Jan 11th, 2026

चक्रधरपुर में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान पर अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन*

चक्रधरपुर: आज चक्रधरपुर रेलवे के महात्मा गांधी सभागार में समाज कल्याण निदेशालय-झारखंड के तत्वाधान में सुरक्षित एवं सशक्त महिला, सशक्त झारखंड के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी चक्रधरपुर पोड़ाहाट श्रुति राजलक्ष्मी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, मानकी-मुंडा, प्रखंड प्रमुख आदि की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि और अन्य वरीय पदाधिकारियों का स्वागत पौधा, अंग वस्त्र एवं मोमेंटो देकर किया गया।

अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी ने कहा कि जिले के सभी क्षेत्रों में इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन कर बालिकाओं को सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुप्रथा को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित एवं सशक्त बनाने, बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा बालिकाओं की शिक्षा बढ़ाने की शपथ दिलाई गई।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए सबसे पहले बच्चियों की माताओं को जागरूक होकर पहल करनी होगी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह से बच्चियों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, सामूहिक अंतिम संस्कार योजना, सामूहिक विवाह कार्यक्रम, निःशक्त कल्याणार्थ योजना, डायन कुप्रथा उन्मूलन कार्यक्रम सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण घटक तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की जानकारी भी साझा की गई।

कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, मानकी-मुंडा, सेविका, सहिया, यूनिसेफ प्रतिनिधि और रांची से आए राज्य अनुश्रन प्रतिनिधि सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई और सभी ने बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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