जमशेदपुर/ पोटका
पोटका के बड़ा सिगदी बिरसा मंच मे आदिवासी भूमिज समाज झारखंड के द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के गाथा पर दो दिवसीय ओनोलिया(लेखन )कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार 9- 1- 2026 को संपन्न हुआ। दूसरे दिन की कार्यक्रम में सर्वप्रथम आभूस के सिद्धेश्वर सरदार एवं अध्यक्ष जयपाल सिंह सरदार के द्वारा भगवान बिरसा मुंडा के तस्वीर पर माल्यार्पण करते हुए वीर शहीद बिरसा मुंडा के उल्लगुलान शुरुआत दिवस को याद किया गया। दूसरे दिन का विषय रहा तरफ स्तर पर, गादी स्तर पर, उसका जो गठन प्रणाली है किस प्रारूप में होगा, इसके बारे में जानकारी दिया गया ओर लेखक समूहों के लिए लेखन विधि, किस तरह से पाठ को लिखते हैं ,उसको तैयार करते हैं, उसका पृष्ठभूमि कैसा होगा, स्रोत कहां से आया, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं काल्पनिक या घटनाक्रम जो भी है, उसको एक किताब के रूप देने के लिए ओर उस पाठ का शीर्षक का नाम किस तरह से लिखा जाएगा उसके बारे में लेखक समूहों को जानकारी दिया गया। उन्होंने कहा कि 9 जनवरी 1894 को बिरसा मुंडा के द्वारा अंग्रेजी हुकूमत को देश छोड़ने के लिए उलगुलान दिवस शुरू किया था। बिरसा मुंडा खुंटी के अड़की प्रखंड अंतर्गत डूमबारी बुरु में बैठक कर अंग्रेजों के शोषण के खिलाफ सभा किए थे। इसके विरोध में अंग्रेजों ने भीड़ पर गोली चलाई, जिससे कई लोगों की मौत हो गई थी। इतिहास की जानकारी लिपिबद्ध करने हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में आदिवासी समुदाय के लेखक इतिहास को पुख्ता रुप में लिपिबद्ध कर आगामी 12 फरवरी को सौहदा फुटबॉल मैदान में आयोजित होने वाले समाज के विद दिरि झंडा दिवस में प्रस्तुत किया जाएगा। इस अवसर पर पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था से जुड़े तथ्यों,पेसा कानून 1996 व पेसा नियमावली 2025 का विस्तार से जानकारी तथा लेखकों को ओनोलिया के तथ्यों की जानकारी दिया गया। इस अवसर पर विभीषण, खुदीराम सरदार,पशुपति सरदार, चैतन्य सरदार,जूमिता सरदार, सुखदेव सरदार,करमू सरदार,सूरज सरदार,श्यामू सरदार,मानिक सरदार, बिहारी लाल सरदार,पुतुल सरदार,जानसोरी सिंह,कविता सरदार, अनीता सरदार,पिंकी सरदार, प्रियंका सरदार, सुषमा सरदार,सूरजमनी सरदार,लजीन भूमिज, विश्वजीत सरदार आदि उपस्थित रहे।
वाईट –जुमिता सरदार- महिला।
वाईट—सिद्धेश्वर सरदार–।
वाईट –जयपाल सिंह सरदार।

