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विधायक ने की आमबागान मैदान को नेताजी स्मृति स्थल के रूप में विकसित करने की मांग

जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) को पत्र लिखकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आमबागान मैदान की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने पत्र में कहा है कि इस ऐतिहासिक और सार्वजनिक महत्व के मैदान की स्थिति सुधारना अत्यंत आवश्यक हो गया है तथा इसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के स्मृति स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

सरयू राय ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि आमबागान मैदान, जिसका नामकरण कुछ वर्ष पूर्व नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर किया गया था, आज उपेक्षा का शिकार है। मैदान में बसों और अन्य वाहनों की पार्किंग हो रही है, जबकि इसका बड़ा हिस्सा पुराने और अनुपयोगी वाहनों के कबाड़ में तब्दील हो चुका है। इसके अतिरिक्त, मैदान के चारों ओर से अवैध अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे इस सार्वजनिक स्थल की गरिमा प्रभावित हो रही है।

उन्होंने बताया कि मैदान के एक हिस्से में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित है, जहां एक छोटा सा स्मारक स्थल बना हुआ है। स्थानीय विधायक के रूप में अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रतिमा स्थल का सौंदर्यीकरण कराया था और प्रतिमा के ऊपर छतरी का निर्माण भी कराया गया था। दोबारा विधायक निर्वाचित होने के बाद वर्तमान में उनकी विधायक निधि से प्रतिमा स्थल की मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है।

सरयू राय ने पत्र में लिखा है कि हाल ही में जब वे इस स्थल पर पहुंचे तो मैदान की बदहाल स्थिति देखकर उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्ववर्ती विधायक कार्यकाल के दौरान मैदान की सुरक्षा के उद्देश्य से तत्कालीन जुस्को द्वारा वर्ष 2016-17 के आसपास बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य शुरू किया गया था, जिसमें काफी प्रगति भी हुई थी। हालांकि, कुछ निहित स्वार्थी तत्वों के अनावश्यक हस्तक्षेप के कारण यह कार्य बीच में ही रोक दिया गया, जिसके बाद से मैदान की स्थिति लगातार खराब होती चली गई।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी की स्मृति से जुड़े इस मैदान को सुरक्षित रखना और इसे जमशेदपुर के गौरव स्थल के रूप में विकसित करना अब अपरिहार्य हो गया है। सरयू राय ने पत्र के माध्यम से आग्रह किया है कि 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर इस मैदान के सुनियोजित विकास कार्य को शुरू करने का निर्णय लिया जाए और एक निश्चित समय-सीमा के भीतर इसे पूरा करने की घोषणा की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक स्थल के महत्व से परिचित हो सकें।

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