चाईबासा: आदिवासी हो महासभा के उपाध्यक्ष सह सारंडा वन प्रक्षेत्र कार्यालय के प्रधान लिपिक नरेश देवगम की सेवा निवृत्ति से एक दिन पूर्व उनके सम्मान में मित्र-मिलन कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के बुद्धिजीवी वर्ग और उनके मित्र शामिल हुए। सभी ने श्री नरेश देवगम को बुके एवं भेंट देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मौके पर वक्ताओं ने कहा कि नरेश देवगम सामाजिक क्षेत्र में विशेषकर हो भाषा के उत्थान के लिए पुस्तकों की रचना में निरंतर कार्य कर रहे हैं, जिससे समाज को भविष्य में बड़ा लाभ मिलेगा। साहित्यकार डोबरो बुड़ीउली ने कहा कि सेवा निवृत्ति के बाद वे स्वतंत्र रूप से समाज सेवा और हो भाषा के विकास के लिए और अधिक समय दे सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक हो नृत्य का आयोजन मांदल और नगाड़े की थाप पर किया गया। कार्यक्रम में मानकी संघ के अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, हो समाज महासभा के अध्यक्ष कृष्णा बोदरा, तिरिल तिरिया, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष लालमुनी पुरती देवगम, बादुड़ी पंचायत के मुखिया विजय देवगम, मतकमहातु पंचायत की मुखिया जुलियाना देवगम, नरेश देवगम की धर्मपत्नी सुमित्रा देवगम, हो समाज महासभा के पूर्व महासचिव यदुनाथ तियू, मानकी दलपत देवगम, हो भाषा व्याकरण के लेखक डॉ. दासराम बारदा, डॉ. ललिता सुंडी बोयपाई, टाटा स्टील के शिवशंकर कांडेयांग, सीआईएसएफ के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर सोनाराम देवगम, शिक्षक कृष्णा देवगम एवं विमल किशोर बोयपाई, सिविल कोर्ट के पूर्व प्रधान लिपिक सोमय देवगम, सरायकेला के इंजीनियर प्रिंस देवगम, मुन्ना सोय, साधुचरण देवगम सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग एवं मित्र उपस्थित थे।

