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Sun. Feb 8th, 2026

लतिका ठिठियो रविवार की शाम पहुंची रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट।किया गया जोरदार स्वागत।

लतिका ठिठियो रविवार की शाम पहुंची रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट।किया गया जोरदार स्वागत।

मोहम्मद शहजाद आलम। की रिपोर्ट

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच फंसी झारखंड की आदिम जनजाति आदिवासी बेटी लतिका ठिठियो रविवार की शाम सकुशल झारखंड पहुंच गयी. रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पहुंचते ही लतिका के चेहरे खिल उठी और वह बहुत खुश के आंसू नजर आ रही थी। रांची एयरपोर्ट पहुंचने पर उनके परिजनों के द्वारा जोरदार स्वागत किया। वतन वापसी पर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि सरकार की पहल से हम जैसे छात्रों की वतन वापसी हो पायी है।रांची एयरपोर्ट पर अपने परिजनों से मिलते ही लतिका की आंखें डबडबा गयी. वहीं, परिजन भी अपनी खुशी रोक नहीं पाये. लतिका ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने हम जैसे छात्रों की वतन वापसी में अहम भूमिका निभायी है. उनके आभार को कभी भूलाया नहीं जा सकता है।मेरे वतन वापसी की गुहार जो मैं लगा रही थी सभी के सहयोग से रविवार को पुरी है गई।जब मैं अपने देश और फिर राज्य पहुंची।

ज्ञात हो कि रूस और यूक्रेन की जंग में प्रखंड महुआडांड़ पंचायत दुरूप ग्राम दौना की आदिम जनजाति बिरजिया समुदाय की बिटिया लतिका ठिठियो यूक्रेन में फंस गयी थी वह पिछले चार वर्षों से युक्रेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रही है।उसने परिजनों को बताया कि वह सुरक्षित है, लेकिन हालात दिन-प्रतिदिन बदतर हो रहे हैं. वह अपने वतन लौटना चाहती है। इधर, उसके माता-पिता की चिंता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. इन्होंने झारखंड सरकार से मदद की गुहार लगाई थी कि उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए।लतिका ठिठियो महुआडांड़ प्रखंड के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र दुरुप पंचायत के दौना गांव की रहने वाली है।लतिका के पिता इसहाक बृजिया ने बताया कि लतिका आदिम जनजाति बिरजिया समुदाय से है।लतिका के पिता इसहाक बृजिया ने बताया कि बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च मिशनरी संस्था उठाती है।लतिका ठिठियो यूक्रेन के 1 B कुचमईन यार स्ट्रीट क्वीव 03035 में फंसी थी। उसने माता-पिता को संदेश भेजा था कि वह फ्लाइट से भारत वापस आने के लिए टिकट भी करवाया था और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कीव भी पहुंच चुकी थी, लेकिन ऐन वक्त पर फ्लाइट रद्द हो जाने की वजह से वो फंस गई है।इसे लेकर उसकी मां फोलोरा बिरजिया का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार वाले किसी अनहोनी की आशंका से घबराये हुए थे।इस वजह से परिवार वालें काम पर जा पाते थे और ना ही खाना पीना का ठिकाना होता था।बेटी की वापसी को लेकर घर परिवार वाले काफी परेशान थे।और रो रो कर बुरा हाल था।लतिका के पिता इसहाक बिरजिया के द्वारा महुआडांड़ अनुमंडल मुख्यालय पहुंच कर एसडीओ नीत निखिल सुरीन से मुलाकात कर अपनी बच्ची को वापस भारत लाने की गुहार भी लगाई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी से गुरुवार रात को आखिरी बार बात हुई थी, जब उसने फ्लाइट रद्द होने की बात बताई थी।इस बारे में एसडीओ नीत निखिल सुरीन ने कहा था कि लतिका ठिठियो के संबंध में उपायुक्त को जानकारी दी जा चुकी है. राज्य सरकार ने इस संबंध में हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और लतिका के परिजनों को भी इसकी जानकारी दी गई है. छात्रा की जल्द वतन वापसी की उम्मीद है। वाट्सएप्प के माध्यम से भेजे मैसेज में लतिका ठिठियो ने कहा कि वह यूक्रेन की राजधानी कीव में है और सुरक्षित जगह पर है. हालांकि इस दौरान भारतीय एंबेसी या किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया है. लतिका ने कहा कि यहां हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं. बमों के धमाके से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं।हम सकुशल वतन लौटना चाहते हैं।

वही दुसरी ओर मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उनके विधानसभा क्षेत्र के तीन छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी दी थी। उन्होंने सरकार से कहा था कि इन छात्रों की वतन वापसी को लेकर पहल की जाए।

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