Breaking
Tue. Jan 13th, 2026

पत्रकारों ने खोया हितैषी अभिभावक-प्रीतम भाटिया

जमशेदपुरःकल का दिन पूरे AISMJW एसोसिएशन के लिए बहुत ही दुखद माना गया.कारण कि ऑल इंडिया स्माॅल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव पीके बाजपेयी का जमशेदपुर में निधन हो गया.वे 62 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे.कुछ दिनों पूर्व टीएमएच अस्पताल में बीमारी के कारण भर्ती रहे.फिर थोडे़ ठीक भी हुए तो डाॅक्टरों ने घर ले जाने की सलाह दे दी.कल फिर अचानक उनकी तबीयत बिगडी़ तो उनके पुत्र और ऐसोसिएशन के कोल्हान अध्यक्ष मधुरेश बाजपेयी उन्हें 9.00 बजे TMH ले गये जहाँ कुछ देर बाद डाॅक्टरों ने परीक्षण कर उन्हें मृत घोषित कर दिया.इस खबर को सुनकर कल से ही ऐसोसिएशन के सभी पदाधिकारी और सदस्य मर्माहत हो गये हैं.

झारखंड में पत्रकारों को एकजुट करने के लिए बतौर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष उन्होंने 3 साल तक काफी सक्रिय भूमिका अदा की थी किंतु राष्ट्रीय सचिव बनने के बाद से ही वे अधिकांश समय बीमार ही रहते थे.वे “झारखंड वनांचल टाइम्स” मासिक पत्रिका के मुद्रक और प्रकाशक थे.वे अपने पीछे 3 पुत्र,3 बहुएं,2 पोतियाँ और भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं.इस दुखद घटना से पूरा एसोसिएशन दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खडा़ हो गया है और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करता रहा है.आज उनका अंतिम संस्कार पार्वती घाट में विधिवत संपन्न हुआ जहाँ कई राजनीतिक दलों के नेता,पत्रकार,समाजसेवी और बुद्धिजीवी अंतिम यात्रा में शामिल हुए.

हंसमुख और जिंदादिल इंसान थे चाचा

ऐसोसिशन के बिहार/झारखंड और बंगाल प्रभारी प्रीतम भाटिया ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि ज्यादातर पत्रकार उन्हें चाचा कहकर पुकारते थे और बाजपेयी चाचा के नाम से वे विख्यात भी थे.बहुत से युवा और वरिष्ठ पत्रकार उनके घर अक्सर पत्रकारिता का ज्ञान लेने जाते थे.लौहनगरी की बहुत सारी पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन में वे बतौर मार्गदर्शक सहायक रहे.वे बहुत ही मिलनसार,हंसमुख और जिंदादिल इंसान थे.घर आने वाले सभी छोटे-बडो़ं को बहुत मान सम्मान दिया करते थे.ऐसोसिएशन को संथाल और कोल्हान में मजबूत कर उन्होंने पत्रकारों के हक की सदैव रक्षा की.

Related Post