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Fri. Oct 23rd, 2026

*30 नवंबर को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, लंबित मामलों के जल्द निष्पादन का निर्देश*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार ने समीक्षा बैठक की। गोपनीय कार्यालय प्रकोष्ठ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को लंबित मामलों का समय पर निष्पादन करने का निर्देश दिया। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को निर्धारित है।

बैठक में उपायुक्त ने नो-मैपिंग के मामलों, मतदाता सूची में तार्किक विसंगतियों, जारी नोटिसों के निष्पादन और मतदाताओं के सत्यापन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो सके।

मनीष कुमार ने निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के अभिलेखों की मैपिंग नहीं हो सकी है, उनके मामलों का नियमानुसार सत्यापन किया जाए। मतदाता सूची में पाई गई विसंगतियों की जांच कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। नोटिस से जुड़े मामलों में भी अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में प्रपत्र-6, प्रपत्र-7 और प्रपत्र-8 के माध्यम से प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के डिजिटलीकरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन प्रपत्रों से जुड़े कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए पात्र नागरिकों के सत्यापन और नियमानुसार नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी है। सभी पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें और कार्यों की नियमित निगरानी करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, विश्वसनीय और अद्यतन बनाना है। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।

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