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Thu. Oct 15th, 2026

*पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें: विनोद कुमार* *अग्निशमन पदाधिकारी रामय सिंह और मुफ्फसिल थाना प्रभारी ने विभिन्न पूजा पंडालों का किया निरीक्षण, आग से बचाव के उपायों की दी जानकारी*

चाईबासा: पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आग लगने की घटनाओं से बचाव के उद्देश्य से अग्निशमन पदाधिकारी रामय सिंह एवं मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार ने विभिन्न पूजा पंडालों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पूजा समिति के सदस्यों को अग्निशमन सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार ने पूजा समिति के सदस्यों से सुरक्षा व्यवस्था के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही से लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए पूजा समितियां प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने पंडालों में आने-जाने के रास्ते खुले रखने, भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी सदस्य आपसी समन्वय बनाकर काम करें और किसी भी तरह की समस्या होने पर तत्काल प्रशासन को सूचना दें। सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

वहीं, अग्निशमन पदाधिकारी रामय सिंह ने पूजा पंडालों में आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटी-सी लापरवाही भी आग लगने की बड़ी घटना का कारण बन सकती है। इसलिए पंडालों में अग्निशमन उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था रखने और उन्हें चालू हालत में रखना जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान पूजा समिति के सदस्यों को अग्निशमन सुरक्षा संबंधी सलाह पत्र भी दिया गया। इसमें विद्युत तारों और अस्थायी बिजली कनेक्शनों की नियमित जांच करने, ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित दूरी पर रखने तथा आपातकालीन निकासी मार्ग को खाली रखने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने समिति के सदस्यों को बताया कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में घबराने के बजाय सावधानी और सूझबूझ से काम लेना चाहिए। समय पर सूचना देने और सुरक्षा नियमों का पालन करने से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

प्रशासन की ओर से पूजा समितियों से अपील की गई कि वे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और पूजा के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।

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