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साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाएं, संक्रमण और बीमारियों से बचें: मनीष कुमार

चाईबासा। विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले में लोगों को स्वच्छता और व्यक्तिगत साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को विशेष अभियान की शुरुआत की गई। चाईबासा स्थित जिला समाहरणालय परिसर से उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने संयुक्त रूप से स्वच्छता जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान गुब्बारे उड़ाकर आम लोगों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से हाथ धोने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चाईबासा और चक्रधरपुर के कार्यपालक अभियंताओं समेत अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

इस मौके पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि हाथों की नियमित धुलाई कई संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है। स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत अपनाए, तो कई बीमारियों के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करने और परिवार के सदस्यों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।

जागरूकता वाहन के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को हाथ धोने के महत्व, सही तरीके और संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है।

स्वास्थ्य और स्वच्छता के दृष्टिकोण से हाथों की सफाई बेहद महत्वपूर्ण है। रोजमर्रा के कामकाज के दौरान हाथों पर कई तरह के रोगाणु जमा हो सकते हैं, जो भोजन या अन्य माध्यमों से शरीर में प्रवेश कर बीमारियों का कारण बनते हैं। विशेष रूप से दूषित हाथों के कारण दस्त, पेट संबंधी संक्रमण और अन्य संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। साबुन और स्वच्छ पानी से हाथ धोने की आदत इन जोखिमों को कम करने में सहायक होती है।

लोगों को भोजन बनाने और खाने से पहले, शौचालय के इस्तेमाल के बाद, बच्चों को खाना खिलाने से पहले तथा खांसने या छींकने के बाद हाथों को अच्छी तरह साफ करने की सलाह दी गई। हाथ धोते समय हथेलियों के साथ उंगलियों के बीच, नाखूनों के आसपास और हाथों के पिछले हिस्से की सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल किसी विशेष दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। प्रशासन का मानना है कि व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सामूहिक भागीदारी से बीमारियों के प्रसार को कम करने के साथ स्वस्थ, सुरक्षित और स्वच्छ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

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