चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड में ग्रामीणों को जन उपयोगी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से स्थायी लोक अदालत (पीएलए) पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन बृजेश पांडे ने ग्रामीणों को इसके कार्यों और सुविधाओं की जानकारी दी।
शिविर को संबोधित करते हुए बृजेश पांडे ने कहा कि स्थायी लोक अदालत आम लोगों की जन उपयोगी सेवाओं से संबंधित समस्याओं के त्वरित, सुलभ और सरल समाधान का सशक्त माध्यम है। इसके जरिए परिवहन, डाक, बिजली, पानी, सफाई, अस्पताल, बीमा और बैंकिंग जैसी सेवाओं से जुड़े विवादों का निपटारा कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशान होने की जरूरत नहीं है। स्थायी लोक अदालत के माध्यम से आपसी सुलह और समझौते के आधार पर विवादों को सुलझाने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत का कार्यालय चाईबासा स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर में है। आम नागरिक अपनी शिकायत सादे कागज पर आवेदन लिखकर दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। गरीब, असहाय और जरूरतमंद व्यक्ति भी बिना आर्थिक बोझ के अपनी समस्या के समाधान के लिए आवेदन दे सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से इस सुविधा का लाभ उठाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
शिविर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के टोल फ्री नंबर 15100 और मध्यस्थता 3.0 अभियान की जानकारी भी दी गई। इस दौरान जिला परिषद सदस्य यमुना तियू और प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के पदाधिकारी, अधिकार मित्र अलकमा रूही समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

