*धनबाद :* धनबाद के चर्चित कपड़ा कारोबारी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड के आरोपी शंकर डे उर्फ प्रशांत डे को पुलिस ने मंगलवार की रात मनियाडीह थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, हथियार बरामदगी के लिए ले जाने के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, नवादा जंगल के पास भौरा घाटी में शंकर डे ने एक एएसआई का पिस्टल छीनकर पुलिस पर गोली चला दी थी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें वह घायल हो गया। आरोपी दुर्गापुर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में हत्या, लूट व डकैती समेत 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
*पूछताछ में कई वारदातों का जिक्र*
पुलिस पूछताछ के दौरान शंकर डे से कई आपराधिक घटनाओं के संबंध में अहम जानकारी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस उसके बयानों के आधार पर पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पूछताछ में गोंदूडीह और बरवाअड्डा क्षेत्र में हुई वारदातों में उसकी कथित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
*राम प्रताप प्रसाद की हत्या का खुलासा*
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शंकर डे ने राम प्रताप प्रसाद की हत्या की बात स्वीकार की है। बताया जाता है कि राम प्रताप इसी साल 17 जुलाई से लापता था। आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि लूट की रकम के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद में उसने राम प्रताप की हत्या कर शव को टुंडी के मनियाडीह थाना क्षेत्र स्थित नवादा जंगल में फेंक दिया था।
जानकारी के अनुसार, जंगल में मशरूम चुनने गए कुछ ग्रामीणों ने एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को दी थी। वहीं, 26 अगस्त को राम प्रताप की पत्नी मीना कुमारी ने केंदुआडीह थाने में पति की गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस आरोपी के बयान और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
*आटा मिल कर्मी की हत्या और लूट का मामला भी जांच के दायरे में*
पूछताछ के दौरान झरिया के बस्ताकोला निवासी आटा मिल कर्मी उमेश यादव (45) की हत्या का मामला भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, उमेश यादव मिल की रकम का कलेक्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई थी और कलेक्शन की रकम लूट ली गई थी। पुलिस इस मामले में भी आरोपी की कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है।
*बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड से भी जुड़ा है नाम*
शंकर डे का नाम धनबाद के चर्चित कपड़ा कारोबारी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में भी सामने आया था। बताया जाता है कि वह इस मामले में पहले भी जेल जा चुका है। अब उसकी दोबारा गिरफ्तारी के बाद पुलिस पुराने मामलों और अन्य आपराधिक घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

