जमशेदपुर। मानगो के मुर्दा मैदान की दो साल से सफाई नहीं होने पर विधायक सरयू राय ने रविवार को खुद पहल करते हुए मैदान से कचरा उठवाया और उसे मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने खाली जमीन पर डंप करा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सात दिनों का अल्टीमेटम देने के बावजूद नगर निगम ने सफाई नहीं कराई। कचरा निस्तारण के लिए डंपिंग स्थल की जानकारी भी नहीं दी गई। ऐसे में रविवार शाम करीब चार बजे तीन ट्रैक्टर, एक हाईवा और जेसीबी की मदद से उठाए गए कचरे को निगम कार्यालय के सामने गिरवा दिया गया। सरयू राय ने कहा कि अब नगर निगम को तय करना है कि इस कचरे को कहां ले जाना है।
सरयू राय के अनुसार, मुर्दा मैदान में लंबे समय से कचरा जमा हो रहा था। बरसात के बाद वहां से उठने वाली दुर्गंध के कारण आसपास के लोग परेशान थे। स्थानीय लोगों और कई वार्ड पार्षदों ने उनसे मिलकर मैदान की सफाई कराने की मांग की थी। इसके बाद उन्होंने नगर निगम को सफाई कराने के लिए कहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि नगर निगम की ओर से जमीन के मालिकाना हक का मामला उठाते हुए कहा गया था कि यह आदिवासियों की जमीन है और वे सफाई का विरोध कर रहे हैं। इसके बाद एक अक्टूबर को उन्होंने आदिवासी नेताओं से बातचीत की। नेताओं ने आशंका जताई कि सफाई के बाद मैदान पर अतिक्रमण हो सकता है। इस पर सरयू राय ने बताया कि मैदान की घेराबंदी के लिए डेढ़ साल पहले ही कल्याण विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और मई में अंचल अधिकारी अपनी रिपोर्ट भी भेज चुके हैं। स्वीकृति मिलने के बाद घेराबंदी कराई जाएगी।
सरयू राय के मुताबिक, अतिक्रमण नहीं होने का आश्वासन मिलने के बाद आदिवासी नेता सफाई के लिए तैयार हो गए। इसकी सूचना नगर निगम को देने के बावजूद सफाई नहीं कराई गई। इसके बाद उन्होंने अपर नगर आयुक्त को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया था। रविवार को नौवां दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने खुद सफाई कराने का निर्णय लिया।
विधायक ने कहा कि उन्होंने अपर नगर आयुक्त से कचरा डंप करने का अधिकृत स्थान बताने का आग्रह किया था, ताकि मैदान से उठाए गए कचरे को सीधे वहां पहुंचाया जा सके। आधा दर्जन वार्ड पार्षदों ने भी व्हाट्सऐप संदेश भेजकर डंपिंग स्थल की जानकारी मांगी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कचरा उठवाने के बाद उसे अपने घर तो नहीं ले जा सकते थे। यदि निगम अधिकारी डंपिंग स्थल बता देते तो कचरा वहीं पहुंचा दिया जाता।
### नगर निगम की सेवा आपातकालीन, रविवार का बहाना क्यों
सरयू राय ने रविवार को नगर निगम कार्यालय बंद रहने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सेवाएं आपातकालीन प्रकृति की हैं और उनका संबंध रविवार या सोमवार से नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद छुट्टी का हवाला देकर पूरा कार्यालय बंद रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसमस्याओं के समाधान के प्रति निगम के अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
### मेयर और अपर नगर आयुक्त की कार्यशैली पर उठाए सवाल
विधायक ने मेयर और अपर नगर आयुक्त की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का उन पर कोई असर नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मेयर के साथ उनके राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें कम से कम वार्ड पार्षदों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। पार्षदों के सहयोग से सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े काम कराए जा सकते हैं।
### बोर्ड की नियमित बैठक नहीं होने पर जताई नाराजगी
सरयू राय ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि नगर निगम बोर्ड की बैठक महीने में एक बार होनी चाहिए, ताकि पार्षदों के साथ विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर चर्चा हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली बैठक चार महीने बाद बुलाई गई थी। उस बैठक को हुए करीब दो महीने बीतने के बावजूद अगली बैठक बुलाने की कोई तैयारी दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि निगम में हर वार्ड के लिए सुपरवाइजर बहाल किए गए हैं, लेकिन इसका असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। उनके अनुसार, नगर निगम का कामकाज लगभग ठप हो गया है।
उपायुक्त से अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग सरयू राय ने बताया कि उन्होंने उपायुक्त से नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने की मांग की है। उनका आरोप है कि अधिकारी न तो जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हैं और न ही उनके पत्रों का जवाब देते हैं। उन्होंने कहा कि मुर्दा मैदान की सफाई और कचरा निस्तारण की जिम्मेदारी नगर निगम की है। यदि समय पर सफाई कराई जाती और कचरा डंप करने का स्थान बताया जाता, तो निगम कार्यालय के सामने कचरा गिराने की स्थिति पैदा नहीं होती।

