चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने गुरुवार को चक्रधरपुर प्रखंड के विभिन्न पुस्तकालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुस्तकालय में अध्ययन कर रहे युवाओं और बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, चक्रधरपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी कंचन मुखर्जी, अंचल अधिकारी सुरेश सिन्हा और संबंधित अभियंता मौजूद थे।
उपायुक्त ने कोलचकरा पंचायत के कुरुलिया स्थित कार्तिक उरांव डिजिटल पुस्तकालय का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पढ़ाई कर रहे युवक-युवतियों और बच्चों से संवाद किया तथा उन्हें नियमित पढ़ाई, अनुशासन और निर्धारित लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय केवल किताबें पढ़ने की जगह नहीं है, बल्कि युवाओं के ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और भविष्य निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पुस्तकालय में हैंडवॉश यूनिट, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और फेवर ब्लॉक लगाने सहित अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को दिया। उन्होंने पुस्तकालय परिसर को स्वच्छ और पढ़ाई के अनुकूल रखने पर जोर दिया। इस दौरान अधिकारियों ने परिसर में पौधारोपण भी किया।
इसके बाद उपायुक्त ने पदमपुर पंचायत के टिकारचापी स्थित पुस्तकालय का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया और कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने खिड़कियों में जाली लगाने, सभी कमरों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और परिसर का उचित सौंदर्यीकरण कराने को भी कहा।
उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालयों को बेहतर सुविधाओं से लैस करने से विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। उन्होंने पुस्तकालयों के नियमित और प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

