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टीपी सोलर ने दूसरी तिमाही में 1 गीगावाट मॉड्यूल और 0.9 गीगावाट सोलर सेल का उत्पादन किया

जमशेदपुर। टाटा पावर की सौर विनिर्माण इकाई टीपी सोलर लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत उत्पादन प्रदर्शन दर्ज किया है। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी ने 1 गीगावाट सौर मॉड्यूल और 0.9 गीगावाट सोलर सेल का उत्पादन किया। अप्रैल से सितंबर 2026 तक वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में टीपी सोलर ने कुल 2 गीगावाट मॉड्यूल और 1.8 गीगावाट सोलर सेल का उत्पादन किया।

टीपी सोलर, टाटा पावर की सौर विनिर्माण इकाई है और टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। कंपनी के अनुसार, उत्पादन में यह निरंतर बढ़ोतरी विनिर्माण क्षमता के विस्तार और परिचालन दक्षता में सुधार को दर्शाती है। कंपनी द्वारा निर्मित सौर मॉड्यूल घरेलू सामग्री आवश्यकता (डीसीआर) मानकों के अनुरूप हैं और अनुमोदित मॉडल एवं निर्माता सूची (एएलएमएम) के तहत स्वीकृत हैं।

टीपी सोलर तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में भारत की सबसे बड़ी एकल-स्थान वाली अत्याधुनिक सौर सेल और मॉड्यूल विनिर्माण सुविधाओं में से एक का संचालन करती है। इस संयंत्र की कुल विनिर्माण क्षमता 4.3 गीगावाट है। संयंत्र की एक खास विशेषता यहां कार्यरत कर्मचारियों में करीब 80 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। कंपनी ने इसे समावेशी कार्यबल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया है।

टाटा पावर ने अपनी सहायक कंपनी टीपीआरईएल के माध्यम से इस संयंत्र की स्थापना में करीब 4,300 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह निवेश भारत में सौर ऊर्जा क्षेत्र की पूरी मूल्य श्रृंखला में स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने और सोलर सेल एवं मॉड्यूल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

तिरुनेलवेली संयंत्र में उन्नत टॉपकॉन और मोनो पीईआरसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां एएलएमएम प्रमाणित मॉड्यूल के साथ-साथ भारत में निर्मित सोलर सेल से डीसीआर मॉड्यूल भी तैयार किए जाते हैं। संयंत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग आधारित प्रणालियों तथा ऑटोमेटेड गाइडेड व्हीकल्स जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह संयंत्र स्मार्ट ऑटोमेशन और बेहतर परिचालन दक्षता के जरिए नई पीढ़ी के सौर विनिर्माण का उदाहरण पेश करता है।

टीपी सोलर की यह विनिर्माण क्षमता भारत के नेट-जीरो कार्बन भविष्य के लक्ष्य के अनुरूप स्थानीय स्तर पर सौर उपकरणों के उत्पादन को मजबूत करने की टाटा पावर की रणनीति को भी गति दे रही है।

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