मुंबई:टाटा स्टील इंडिया ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में 6.21 मिलियन टन कच्चे इस्पात का उत्पादन किया। यह पिछली तिमाही की तुलना में 8 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। उत्पादन में यह वृद्धि मुख्य रूप से जमशेदपुर और कलिंगानगर संयंत्रों में बेहतर उत्पादन के कारण हुई। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी का कच्चे इस्पात का उत्पादन पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत बढ़कर 11.97 मिलियन टन हो गया।
दूसरी तिमाही में टाटा स्टील इंडिया की इस्पात आपूर्ति 5.97 मिलियन टन रही। यह पिछली तिमाही की तुलना में 15 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। मौसमी बारिश के बावजूद बेहतर उत्पाद मिश्रण और विभिन्न बाजार क्षेत्रों में स्थिर मांग ने आपूर्ति को मजबूती प्रदान की। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में आपूर्ति पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8 प्रतिशत बढ़कर 11.14 मिलियन टन रही।
घरेलू बाजार में प्रमुख उपलब्धियां
वाहन एवं विशेष उत्पाद खंड ने लगभग 1.1 मिलियन टन की अब तक की सर्वश्रेष्ठ दूसरी तिमाही की बिक्री दर्ज की। इसकी बिक्री पिछली तिमाही की तुलना में 9 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 19 प्रतिशत बढ़ी। यह वृद्धि कलिंगानगर में निरंतर ताप उपचार और जस्ता लेपन इकाइयों तथा जमशेदपुर में कॉम्बी मिल के उत्पादन में तेजी आने से हुई।
ब्रांडेड उत्पाद एवं खुदरा कारोबार खंड ने लगभग 2.2 मिलियन टन की अब तक की सर्वश्रेष्ठ तिमाही बिक्री दर्ज की। इसे स्थापित ब्रांडों के मजबूत प्रदर्शन और बाजार में निरंतर विस्तार से सहायता मिली। टाटा टिस्कॉन ने अब तक की सर्वश्रेष्ठ तिमाही बिक्री दर्ज करते हुए पिछली तिमाही की तुलना में 7 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। वहीं, जस्ता लेपित इस्पात के टाटा कोष ब्रांड की बिक्री में पिछली तिमाही की तुलना में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
निर्माण एवं समाधान खंड ने लगभग 0.6 मिलियन टन की बिक्री दर्ज की। तैयार उपयोग के लिए उपलब्ध समाधानों की बिक्री पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 32 प्रतिशत बढ़ी। इंजीनियरिंग एवं पैकेजिंग खंड ने लगभग 0.4 मिलियन टन की बिक्री दर्ज की, जो पिछली तिमाही की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से तेल एवं गैस क्षेत्र में अधिक बिक्री के कारण हुई।
टाटा स्टील के ऑनलाइन वाणिज्य मंच टाटा स्टील आशियाना और डिजीईसीए के माध्यम से दूसरी तिमाही में कुल कारोबार मूल्य 2,860 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है।

