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Wed. Oct 7th, 2026

*अंधविश्वास और डायन प्रथा के खिलाफ ग्रामीणों को किया जागरूक*

चाईबासा: नोवामुंडी प्रखंड की पोखरपी पंचायत के गितिकेन्दु गांव के मुण्डासाई और दियूरीसाई में अंधविश्वास, कुरीति और डायन प्रथा के खिलाफ नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों को सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में समय पर अस्पताल पहुंचकर इलाज कराने के प्रति जागरूक किया गया।

नुक्कड़ सभा में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण लोग आज भी बीमारी, सांप काटने या प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाओं के बाद झाड़-फूंक और ओझा-गुनी के चक्कर में पड़ जाते हैं। इससे कई बार लोगों की जान चली जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए बोंगा-बुरू को दोष देने के बजाय वैज्ञानिक सोच और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा करना चाहिए।

गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने कहा कि सिंगी एंड सिंगी फाउंडेशन और नेशनल आदिवासी रिवाइवल एसोसिएशन के सहयोग से अंधविश्वास, कुरीति और सामाजिक बुराइयों के नाम पर होने वाली आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सामाजिक स्तर पर जागरूकता फैलाकर समाज की समस्याओं को कम करना है।

नुक्कड़ सभा में शामिल स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिक्षित और जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण होने वाली घटनाओं के उदाहरण देकर ग्रामीणों को जागरूक किया।

मौके पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा के अनुमंडल अध्यक्ष बलराम लागुरी, सागर हेम्ब्रम, उर्मिला लागुरी, विमला कुई, बलेमा कुई, मंजु कुई, मुक्ता कुई, रोयबारी कुई, सीमा कुई, सोमवारी अंगरिया, मादे सिरका, कानूराम हेम्ब्रम, गोरा लागुरी, गुरा गागराई, सुरेश लागुरी, सोमा लागुरी, बल्लेश्वर लागुरी, माधो लागुरी, देवेन्द्र लागुरी, बबलू लागुरी, गंगाराम लागुरी और शिव कुमार लागुरी मौजूद थे।

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