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Wed. Oct 7th, 2026

डुमरिया एकलव्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठा, दुखनी सोरेन ने अभिभावकों के साथ डीसी को सौंपा ज्ञापन

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस), डुमरिया-कानासोल में शिक्षकों की कमी को लेकर मंगलवार को अभिभावकों ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। सामाजिक कार्यकर्ता दुखनी सोरेन के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक अभिभावकों ने उपायुक्त से मुलाकात कर विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में कई विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खासकर महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों की कमी का असर बच्चों की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ आगामी परीक्षाओं की तैयारी पर भी पड़ रहा है। आवासीय विद्यालय होने के कारण दूर-दराज के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

दुखनी सोरेन ने उपायुक्त से मांग की कि विद्यार्थियों के हित को देखते हुए डुमरिया एकलव्य विद्यालय में जल्द से जल्द शिक्षकों की कमी दूर की जाए। उन्होंने कहा कि स्थायी नियुक्ति होने तक प्रतिनियुक्ति अथवा किसी अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।

उन्होंने कहा कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित होना गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में तत्काल पहल करने की मांग की।

दुखनी सोरेन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो अभिभावकों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक लाभ का विषय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शिक्षा और भविष्य से जुड़ा मामला है। इस दौरान बद्रीमाय मांझी, जीतेन किस्कू,विजय हांसदा, रिना मुर्मू समेत बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।

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