जमशेदपुर: केरला पब्लिक स्कूल, कदमा में आयोजित चार दिवसीय 26वें ‘लेट्स मेक अ डिफरेंस’ (एलएमएडी) जमशेदपुर युवा सम्मेलन का रविवार को समापन हुआ। सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों को आत्मचिंतन, बेहतर संबंधों, भावनात्मक मजबूती और जीवन में जिम्मेदार निर्णय लेने के महत्व से परिचित कराया गया।
सम्मेलन में विद्यार्थियों ने मौन, संवाद और विभिन्न सामूहिक गतिविधियों के जरिए अपने विचारों और व्यवहार को समझने का प्रयास किया। ईमानदारी, प्रेम, पवित्रता और निःस्वार्थ भाव जैसे मूल्यों को दैनिक जीवन और रिश्तों से जोड़कर देखने पर भी चर्चा हुई।
अंतिम दिन की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। विभिन्न धर्मों और समुदायों से जुड़े स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों ने प्रार्थना और मौन के साझा क्षणों के माध्यम से एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
इसके बाद आयोजित ‘क्वाइट टाइम’ सत्र में अहंकार और उसके विचारों, व्यवहार तथा संबंधों पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा हुई। कई विद्यार्थियों ने मंच पर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सम्मेलन के दौरान आत्मचिंतन की प्रक्रिया ने उन्हें अपने व्यवहार और जीवन को नए नजरिए से देखने में मदद की।
श्रद्धा अग्रवाल ने प्रतिभागियों को एलएमएडी की जीवन-दृष्टि से अवगत कराया। उन्होंने सम्मेलन को सफल बनाने में स्वयंसेवकों की भूमिका की सराहना की। ‘पावर ऑफ विजन’ सत्र में विद्यार्थियों ने सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से अपने जीवन के उद्देश्य और भविष्य की आकांक्षाओं पर विचार किया। वहीं, ‘द प्लेज’ के तहत पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के प्रति संकल्प लिया गया।
सम्मेलन निदेशक विरल मजूमदार के साथ आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और अपने विचार रखे। इसके बाद ‘स्वयं को पत्र’ गतिविधि में प्रतिभागियों ने सम्मेलन से मिली सीख, अपनी आकांक्षाओं और व्यक्तिगत संकल्पों को लिखित रूप में दर्ज किया।
सम्मेलन के दौरान अभिभावकों के लिए भी संवाद सत्र आयोजित किया गया। विरल मजूमदार और स्वयंसेवकों की टीम ने अभिभावकों के साथ बच्चों की बात सुनने, उनकी भावनाओं को समझने और घर के माहौल में सहयोगपूर्ण संबंध विकसित करने के महत्व पर चर्चा की।
समापन समारोह में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजया भारत और मनोचिकित्सक मनोज साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्यार्थियों ने सम्मेलन के दौरान अपने अनुभव साझा किए। श्रद्धा अग्रवाल ने चार दिनों में आयोजित प्रमुख गतिविधियों और प्रतिभागियों की सीख का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।
एलएमएडी के संस्थापक न्यासी बृजेश अरोड़ा ने आंदोलन के साथ अपने जुड़ाव और जमशेदपुर युवा सम्मेलन के पिछले 25 वर्षों के सफर पर प्रकाश डाला।
25 वर्षों की यात्रा को पुस्तक में किया गया संजोया
समापन समारोह में कॉफी टेबल बुक ‘द जर्नी विदिन, द मूवमेंट बियॉन्ड’ का विमोचन भी किया गया। पुस्तक में एलएमएडी जमशेदपुर युवा सम्मेलन की 25 वर्षों की यात्रा को तस्वीरों, प्रतिभागियों के अनुभवों और संस्मरणों के माध्यम से संजोया गया है।
पुस्तक में सम्मेलन से जुड़े लोगों और विभिन्न महत्वपूर्ण पड़ावों को जगह दी गई है। इसके जरिए एलएमएडी और केरला पब्लिक स्कूल, कदमा के लंबे जुड़ाव तथा युवाओं के व्यक्तित्व और आंतरिक विकास के लिए किए गए प्रयासों को भी सामने रखा गया है।
केरला पब्लिक स्कूल्स की अकादमिक निदेशक लक्ष्मी आर. ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से दृढ़ बनाने के साथ उन्हें सोच-समझकर जिम्मेदार निर्णय लेने के लिए तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालय लंबे समय से एलएमएडी के साथ जुड़ा हुआ है।
सम्मेलन के समापन पर विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और स्मृति-उपहार प्रदान किए गए। चार दिनों के इस आयोजन के बाद विद्यार्थी नई मित्रताओं, अनुभवों और स्वयं तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ लौटे। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य केवल चार दिनों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के पारिवारिक संबंधों, मित्रताओं और रोजमर्रा के व्यवहार में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के रूप में आगे भी दिखाई देना है।

